HDFC Bank में बड़े बदलाव का दौर जारी है। बैंक के ग्रुप हेड संजय डिसूजा **31 अक्टूबर, 2026** को रिटायर हो गए हैं। हाल ही में अनूप बागची ने MD और CEO का पद संभाला है, जबकि डिप्टी MD कैजाद भरूचा भी जल्द ही बैंक से विदा लेंगे। निवेशकों की नजर अब इस ट्रांजिशन पर टिकी है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
बैंक के भीतर चल रहे इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बीच, बिजनेस बैंकिंग और इमर्जिंग एंड माइक्रो एंटरप्राइजेज के ग्रुप हेड संजय डिसूजा ने 27 साल के लंबे सफर के बाद रिटायरमेंट लिया है। इससे पहले 27 अक्टूबर, 2026 को अनूप बागची ने शशिधर जगदीशन का स्थान लेते हुए बैंक के नए मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के रूप में कार्यभार संभाला था।
नई टीम और भविष्य की राह
बदलाव यहीं नहीं रुक रहे हैं। डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा भी 31 दिसंबर, 2026 को अपना पद छोड़ देंगे। HDFC Bank, जो हमेशा अपनी स्टेबल लीडरशिप के लिए जाना जाता रहा है, उसके लिए यह दौर काफी अहम है। मार्केट की नजरें इस बात पर हैं कि अनूप बागची की लीडरशिप में बैंक SME लेंडिंग जैसे मुख्य क्षेत्रों में कैसे आगे बढ़ता है, जहां डिसूजा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही थी।
निवेशकों की चिंता और स्टॉक का हाल
शेयर बाजार ने इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल सतर्क रुख अपनाया हुआ है। 2 नवंबर, 2026 तक बैंक का शेयर करीब ₹692 के आसपास ट्रेड कर रहा था। साल भर से स्टॉक पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि नई लीडरशिप बैंक की पुरानी रणनीति को किस तरह से आगे ले जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
अब बाजार यह देख रहा है कि क्या बैंक अपनी ग्रोथ मोमेंटम को बचा पाएगा और क्या नई टीम प्रतिभाशाली लोगों को अपने साथ बनाए रख सकेगी। आने वाले समय में बैंक की तिमाही रिपोर्ट और नए CEO का रोडमैप—खासकर टेक्नोलॉजी में निवेश, ब्रांच विस्तार और लोन बुक की क्वालिटी—यह तय करेंगे कि निवेशकों का भरोसा कितना मजबूत होता है। लीडरशिप ट्रांजिशन के इस दौर में मार्जिन और स्टेबिलिटी पर सबकी निगाहें रहेंगी।
