HDFC Bank के निवेशकों के लिए शुक्रवार का दिन निराशाजनक रहा। अमेरिकी मुकदमे, डेट रिजॉल्यूशन और सीईओ के कार्यकाल को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण शेयर गिरकर अपने **52-वीक लो (₹710)** पर आ गया है।
कानूनी मुश्किलें और कर्ज का विवाद
बैंक फिलहाल 13 अगस्त, 2026 को न्यूयॉर्क में दायर एक अमेरिकी क्लास-एक्शन मुकदमे का सामना कर रहा है। आरोप है कि बैंक ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) से जुड़े डिपॉजिट इंड्यूसमेंट के मामलों में गलत जानकारी दी। हालांकि, HDFC Bank ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मजबूती से बचाव करने की बात कही है।
इसके अलावा, बैंक घरेलू स्तर पर भी बड़ी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। एसेल ग्रुप (Essel Group) के संस्थापक सुभाष चंद्रा के कर्ज निपटान मामले में बैंक को 99.97% तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि NCLT द्वारा मंजूर प्लान में रिकवरी सिर्फ 0.03% है। बैंक अब इस फैसले के खिलाफ NCLAT में अपील करने की तैयारी कर रहा है।
लीडरशिप पर सस्पेंस
कानूनी संकट के साथ-साथ बाजार की नजरें बैंक की टॉप लीडरशिप पर भी हैं। मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर, 2026 को खत्म होने वाला है। कार्यकाल विस्तार या नए उत्तराधिकारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा न होने से निवेशकों के बीच भारी संशय की स्थिति है।
फिलहाल इन बाहरी जोखिमों के कारण शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। निवेशकों की निगाहें अब NCLAT के फैसले, सीईओ की भूमिका और अमेरिकी अदालती कार्यवाही पर टिकी हैं, जो स्टॉक की आने वाली चाल तय करेंगे।
