HDFC Bank के शेयरों में बुधवार को **1.38%** की गिरावट देखने को मिली। बैंक ने **₹739 करोड़** के एडिशनल टियर-1 (AT1) बॉन्ड रिडेम्पशन की घोषणा की है और साथ ही अनसॉलिसिटेड ESG रेटिंग्स पर स्पष्टीकरण जारी किया है, जिससे निवेशकों का ध्यान बैंक की लिक्विडिटी और गवर्नेंस पर टिका है।
बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर HDFC Bank का शेयर 1.38% फिसलकर ₹702 के स्तर पर बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर ₹700 से ₹705.65 के दायरे में घूमता रहा। यह गिरावट बैंक के हालिया 52-वीक लो के करीब है, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
बॉन्ड रिडेम्पशन का क्या है गणित?
बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में पुष्टि की है कि वह 30 सितंबर को ₹739 करोड़ के AT1 बॉन्ड को रिडीम करने के लिए 'कॉल ऑप्शन' का उपयोग करेगा। AT1 बॉन्ड वे कैपिटल इंस्ट्रूमेंट्स हैं जिनका इस्तेमाल बैंक रेगुलेटरी कैपिटल बफर बनाए रखने के लिए करते हैं। इन बॉन्ड्स के रिडेम्पशन से बैंक की लिक्विडिटी और कैपिटल स्ट्रैटेजी का पता चलता है, जिस पर मार्केट की बारीक नजर बनी हुई है।
ESG रेटिंग पर सफाई
इसके अलावा, बैंक ने SES ESG Research Private Limited की हालिया रिपोर्ट को लेकर भी रुख साफ किया है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसने ऐसी किसी रेटिंग के लिए न तो कोई कमीशन दिया और न ही उसे मांगा था। बैंक का कहना है कि यह रेटिंग पूरी तरह से पब्लिक डेटा पर आधारित है और बैंक का इससे कोई सीधा जुड़ाव नहीं है।
दिन भर के कारोबार में लगभग 152 लाख शेयरों का लेनदेन हुआ, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,068.62 करोड़ रही। अब निवेशकों की नजर 30 सितंबर को होने वाले बॉन्ड रिडेम्पशन की प्रक्रिया और मैनेजमेंट द्वारा कैपिटल एलोकेशन पर दिए जाने वाले भविष्य के संकेतों पर होगी।
