HDFC Bank ने अपने FY26 के वार्षिक रिपोर्ट में पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty के अचानक इस्तीफे का खुलासा किया है। बैंक ने नए चेयरमैन के तौर पर Rajiv Kumar को नॉमिनेट किया है, जिनकी नियुक्ति RBI की मंजूरी पर निर्भर है। इस दौरान, बैंक का नेट प्रॉफिट **7.4%** बढ़कर **₹76,025.97 करोड़** हो गया और AI-संचालित बैंकिंग सेवाओं पर जोर दिया गया।
पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे पर HDFC Bank का बड़ा खुलासा
HDFC Bank ने अपनी हालिया FY26 वार्षिक रिपोर्ट में पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty के अप्रत्याशित इस्तीफे की विस्तृत जानकारी दी है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, Sashidhar Jagdishan ने इस घटना को संस्था के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर बताया। 18 मार्च, 2026 को इस्तीफा देने के बाद, बैंक ने Keki Mistry को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया था, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मंजूरी मिल गई थी।
इस्तीफे की वजहों की जांच
इस्तीफे की परिस्थितियों की जांच के लिए, बैंक ने कानूनी फर्मों Wilson Sonsini Goodrich & Rosati और Wadia Ghandy से एक समीक्षा (Review) करवाई। जून 2026 में पूरी हुई इस समीक्षा में पूर्व चेयरमैन द्वारा लगाए गए उन आरोपों की जांच की गई, जिनमें उन्होंने बैंक की कुछ प्रथाओं को अपने व्यक्तिगत मूल्यों के विपरीत बताया था। कानूनी निष्कर्षों से पता चला कि उपलब्ध साक्ष्य उनके इस्तीफे पत्र में दिए गए कारणों से मेल नहीं खाते।
नए चेयरमैन की नियुक्ति और भविष्य की राह
भविष्य की ओर देखते हुए, बैंक ने पूर्व वित्त सचिव और मुख्य चुनाव आयुक्त Rajiv Kumar को तीन साल के कार्यकाल के लिए नए पार्ट-टाइम, नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में नामांकित किया है। हालांकि, यह नियुक्ति अभी RBI से अंतिम नियामक मंजूरी के अधीन है।
वित्तीय प्रदर्शन और AI का बढ़ता दखल
वार्षिक रिपोर्ट में वित्तीय प्रदर्शन एक मुख्य विषय रहा। बैंक ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ₹76,025.97 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹70,792.25 करोड़ की तुलना में अधिक है। वित्तीय आंकड़ों से परे, बैंक अपनी बैंकिंग सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सक्रिय रूप से एकीकृत कर रहा है। बैंक अपने इन-हाउस AI फाउंडेशन, 'Neev' का उपयोग ट्रेड सिस्टम को सुव्यवस्थित करने और डॉक्यूमेंट एक्सट्रैक्शन को स्वचालित करने के लिए कर रहा है। बैंक के अनुसार, इन पहलों से लोन प्रोसेसिंग की दक्षता में काफी सुधार हुआ है, जिससे प्री-अप्रूव्ड लिमिट अब डिजिटल चैनलों के माध्यम से उपलब्ध हैं और पात्रता सत्यापन के प्रयासों में लगभग आधी कमी आई है।
आगे क्या?
हालिया एक्सचेंज फाइलिंग से पता चलता है कि चालू वित्तीय वर्ष में बैंक की गति जारी है। 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, प्रबंधन के तहत औसत एडवांसेज (Average Advances) ₹30.39 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो 2025 की इसी अवधि की तुलना में 10.8% की वृद्धि दर्शाता है। निवेशक अब 18 जुलाई, 2026 को जारी होने वाले जून तिमाही के वित्तीय परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी से MD और CEO Sashidhar Jagdishan के तीसरे कार्यकाल की संभावना पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है, जिनका वर्तमान कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त हो रहा है।
