HDFC Bank के Q2 नतीजों में मार्जिन पर दबाव दिखने के बाद शेयरों में **2%** की गिरावट आई है। साथ ही, **$108** प्रति बैरल के पार पहुंचे क्रूड ऑइल और ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों ने भारतीय बाजार की रफ्तार रोक दी है।
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी सतर्क रही। सेंसेक्स 74,500 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि निफ्टी 23,050 के करीब कारोबार करता दिखा। इस गिरावट की मुख्य वजह फाइनेंशियल स्टॉक्स में हुई बिकवाली रही, जिसकी अगुवाई HDFC Bank ने की।\n\n### HDFC Bank नतीजों का असर\nQ2 नतीजों के बाद HDFC Bank के शेयरों में 2% तक की गिरावट देखी गई। निवेशकों की चिंता की बड़ी वजह बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में आई गिरावट है। मार्जिन कम होने का सीधा असर बैंक के मुनाफे पर पड़ता है। नतीजों की सुस्त ग्रोथ के कारण हुई प्रॉफिट बुकिंग ने बैंक निफ्टी को भी 0.5% नीचे खींच लिया। अब मार्केट एक्सपर्ट्स इस बात पर गौर कर रहे हैं कि क्या यह दबाव बाकी बड़े प्राइवेट लेंडर्स पर भी दिखेगा।\n\n### क्रूड ऑइल और ग्लोबल सेंटीमेंट का बोझ\nबाजार पर सिर्फ नतीजों का ही नहीं, बल्कि ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस का भी असर है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का दाम $108 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो भारत के लिए महंगाई की चिंता बढ़ाता है। साथ ही, शुक्रवार को अमेरिकी टेक स्टॉक्स में हुई भारी बिकवाली का असर भी एशियाई बाजारों पर दिखा। टोक्यो, हॉन्गकॉन्ग और शंघाई जैसे बड़े इंडेक्स भी दबाव में दिखे।\n\nफिलहाल, निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कॉर्पोरेट अर्निंग्स इस ग्लोबल अनिश्चितता के बीच खुद को बचा पाती हैं या मार्केट में अभी और गिरावट बाकी है।
