HDFC Bank के चेयरमैन राजीव कुमार ने RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ मुलाकात की है। इस मीटिंग में MD और CEO शशिधर जगदीशन के **26 अक्टूबर, 2026** को खत्म हो रहे कार्यकाल और बैंक की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई है।
लीडरशिप पर सस्पेंस
देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC Bank में इस समय हलचल तेज है। बैंक के नए चेयरमैन राजीव कुमार ने हाल ही में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। मुख्य फोकस 26 अक्टूबर, 2026 को समाप्त हो रहे CEO शशिधर जगदीशन के कार्यकाल पर है। रेगुलेटरी प्रोटोकॉल के तहत बैंक को समय रहते सक्सेशन प्लानिंग (उत्तराधिकार योजना) पेश करनी होती है, और बाजार अब यह देख रहा है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को फिर से नियुक्त करता है या किसी नए चेहरे की तलाश में है।
कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियां
बैठक में सिर्फ लीडरशिप ही नहीं, बल्कि कुछ पुराने कानूनी मामलों पर भी बात हुई है। इनमें सबसे प्रमुख है Credit Suisse के AT-1 बॉन्ड्स की कथित गलत बिक्री (mis-selling) का मामला। बहरीन और दुबई के NRI निवेशकों से जुड़ी ये शिकायतें बैंक के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। RBI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बैंक अपनी गवर्नेंस फ्रेमवर्क के तहत इन मुद्दों को जल्द सुलझाए।
बाजार और निवेशकों पर असर
इससे पहले मार्च 2026 में पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बोर्ड की स्थिरता पर सवाल उठे थे, हालांकि बाद में सब स्पष्ट हो गया था। अब निवेशकों की नजरें बैंक की Q1 FY27 के बाद की परफॉर्मेंस और CASA रेश्यो को बेहतर बनाने की रणनीति पर हैं। फिलहाल, बैंक मैनेजमेंट का ध्यान प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने और जमा राशि (deposit) की प्रतिस्पर्धा से निपटने पर है। अब हर किसी को HDFC Bank बोर्ड की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
