HDFC Bank के CEO शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव को ठुकराते हुए 26 अक्टूबर, 2026 को रिटायर होने का फैसला किया है। बैंक अब नए उत्तराधिकारी की तलाश कर रहा है, क्योंकि कंपनी इस समय रेगुलेटरी जुर्माने और अमेरिका में चल रहे कानूनी विवादों से जूझ रही है।
HDFC Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर, 2026 को अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। 29 अगस्त, 2026 को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, बोर्ड द्वारा पद पर बने रहने के अनुरोध के बावजूद जगदीशन ने अपना फैसला नहीं बदला। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक के लिए यह एक बड़ा नेतृत्व बदलाव है, खासकर ऐसे समय में जब बैंक गवर्नेंस और मैनेजमेंट स्टेबिलिटी को लेकर जांच के दायरे में है।
कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का दौर
यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब बैंक कई मोर्चों पर दबाव में है। जुलाई 2026 में, रेगुलेटर ने शशिधर जगदीशन, CFO और रिटेल एसेट्स के ग्रुप हेड पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। यह कार्रवाई 2017 से 2021 के बीच महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) से डिपॉजिट जुटाने में कथित तौर पर 'बिज़नेस ओवररीच' के कारण की गई थी। हालांकि बैंक ने अपने इंटरनल कंट्रोल्स को मजबूत बताया है, लेकिन निवेशकों के बीच कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका में कानूनी पचड़ा
बैंक पर दबाव तब और बढ़ गया जब 13 अगस्त, 2026 को अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक फेडरल सिक्योरिटीज क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया। इसमें आरोप है कि बैंक ने MSRDC से डिपॉजिट हासिल करने के लिए किए गए भुगतान को मार्केटिंग खर्च के तौर पर छिपाया। बैंक ने इन आरोपों को निराधार बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है। मार्च 2026 में पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद से ही बैंक में मैनेजमेंट कंटिन्यूटी को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि नया CEO इन कानूनी मुश्किलों को कैसे सुलझाता है।
