HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन **26 अक्टूबर, 2026** को अपना पद छोड़ देंगे। बैंक के नए चेयरमैन राजीव कुमार के साथ रणनीतिक मतभेदों के चलते यह फैसला लिया गया है, जिसने निवेशकों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
HDFC Bank के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर के मुखिया शशिधर जगदीशन ने साफ कर दिया है कि वे 26 अक्टूबर, 2026 को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद तीसरे टर्म के लिए दावेदारी पेश नहीं करेंगे। यह बदलाव बैंक के नए चेयरमैन राजीव कुमार के जून में पदभार संभालने के कुछ ही महीनों बाद आया है।
क्यों छोड़ रहे हैं पद?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जगदीशन और चेयरमैन राजीव कुमार के बीच बैंक की भविष्य की दिशा को लेकर गहरे मतभेद थे। बैंक बोर्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश जरूर की, लेकिन जगदीशन ने नए मैनेजमेंट के एग्रेसिव ग्रोथ और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के एजेंडे से अलग होने का फैसला किया। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब बैंक अपनी पैरेंट कंपनी Housing Development Finance Corp के साथ मर्जर की जटिलताओं को सुलझाने में लगा है।
निवेशकों के लिए जोखिम
शेयरधारकों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। इस साल बैंक का शेयर 28% तक टूट चुका है और हाल ही में इसने 52-वीक लो को भी छुआ है। निवेशकों को चिंता है कि बिना किसी पक्के उत्तराधिकारी के, बैंक की ग्रोथ मोमेंटम और प्रॉफिट मार्जिन पर बुरा असर पड़ सकता है।
अब आगे क्या?
बैंक ने नए CEO की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा का नाम चर्चा में है, लेकिन बाजार में इस बात की भी चर्चा है कि बोर्ड किसी बाहरी व्यक्ति को कमान सौंप सकता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि बिना लीडरशिप के बैंक डिपॉजिट ग्रोथ और ऑपरेशनल गवर्नेंस को कैसे मैनेज करेगा।
