HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर, 2026 को रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने नया कार्यकाल न लेने का फैसला किया है, जो बैंक के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय है।
पद छोड़ने का फैसला
HDFC Bank के मैनेजमेंट की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, बैंक के मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन 26 अक्टूबर, 2026 को अपना पद छोड़ देंगे। बोर्ड उन्हें दोबारा नियुक्त करने का इच्छुक था, लेकिन जगदीशन ने अपने वर्तमान कार्यकाल के पूरा होने के बाद आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। यह फैसला उनके 27 साल के लंबे करियर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने 2020 से CEO के रूप में बैंक का नेतृत्व किया और HDFC Limited के साथ हुए बड़े मर्जर (Merger) की प्रक्रिया को भी संभाला।
क्यों है यह एक नाजुक दौर?
यह लीडरशिप बदलाव एक ऐसे समय पर हो रहा है जब देश का यह सबसे बड़ा प्राइवेट लेंडर कठिन दौर से गुजर रहा है। साल 2026 में अब तक बैंक के शेयर में 25% से ज्यादा की गिरावट आई है और स्टॉक मल्टी-ईयर लो (Multi-year low) के करीब ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों की मुख्य चिंताएं:
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs): मर्जर के बाद से ही NIMs पर भारी दबाव है, क्योंकि बैंक को महंगे डिपॉजिट और कर्ज पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है।
- विकास दर: बैंक की ऐतिहासिक ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखने को लेकर बाजार आशंकित है।
आगे की राह
बैंक के बोर्ड ने नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है। आने वाले CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती डिपॉजिट ग्रोथ को रफ्तार देने और कॉस्ट ऑफ फंड्स (Cost of funds) को कम करने की होगी। मार्केट की नजर अब इस बात पर है कि बैंक अपने सक्सेशन प्लान (Succession plan) और भविष्य की रणनीति को लेकर कितनी स्पष्टता रखता है। निवेशकों के लिए अगली बड़ी खबर नए CEO के नाम की घोषणा होगी, जो तय करेगी कि बैंक अपनी खोई हुई रफ्तार वापस कैसे हासिल करेगा।
