HDFC Bank के बोर्ड की नज़रें अब MD और CEO, Sashidhar Jagdishan के भविष्य पर टिकी हैं। 5 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) से पहले, बोर्ड उनके तीसरे कार्यकाल पर बड़ा फैसला ले सकता है। यह निर्णय हालिया इंटरनल गवर्नेंस रिव्यू और एक छोटे मौद्रिक जुर्माने के बाद लिया जा रहा है।
नेतृत्व पर बड़ा दांव?
HDFC Bank के मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। बैंक का बोर्ड अब MD और CEO, Sashidhar Jagdishan के कार्यकाल को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी (Governance, Nomination and Remuneration Committee) इस वीकेंड बैठक कर सकती है। मकसद है कि 5 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) से पहले बोर्ड अपनी रणनीति तय कर ले।
जल्दबाजी क्यों?
Jagdishan का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को सामान्यतः ऐसे प्रस्ताव 6 महीने पहले भेजने होते हैं, लेकिन इस बार समय-सीमा काफी कम है। यह जल्दबाजी 15 जुलाई को नए चेयरमैन की नियुक्ति और पिछले कुछ समय से चल रहे इंटरनल गवर्नेंस असेसमेंट्स का नतीजा है। बोर्ड चाहता है कि नेतृत्व में स्थिरता बनी रहे, हालांकि आखिरी फैसला RBI की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
गवर्नेंस रिव्यू और छोटा जुर्माना
हाल ही में बैंक ने दो इंटरनल रिव्यू पूरे किए हैं, जिनका असर इस नेतृत्व वाले फैसले पर पड़ रहा है। पहला रिव्यू पूर्व चेयरमैन Atanu Chakraborty के इस्तीफे के समय उठे कुछ संस्थागत प्रक्रियाओं (institutional practices) से जुड़े सवालों पर था। 27 जून को खत्म हुई इस जांच में ऐसे किसी भी दावे को पुख्ता सबूत नहीं मिले।
एक और मामले में, 2017 और 2021 में महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (Maharashtra State Road Development Corporation) से जुड़ी डिपॉजिट मोबिलाइजेशन व्यवस्थाओं की आंतरिक जांच 23 जुलाई को पूरी हुई। बैंक की डिसिप्लिनरी कमेटी ने इसे जानबूझकर गलत करने के बजाय 'बिजनेस ओवररीच' (business overreach) करार दिया। लेकिन, इस मामले में Jagdishan, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और रिटेल एसेट्स के हेड पर ₹1-₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया। कमेटी ने इन अधिकारियों को रेगुलेटरी गाइडलाइन्स से संभावित विचलन के लिए चेतावनी पत्र (warning letters) भी जारी किए।
आगे क्या?
बोर्ड के सामने कई विकल्प हैं। एक पूरा तीन साल का कार्यकाल स्थिरता का संकेत देगा। लेकिन, हालिया जुर्माने को देखते हुए, बोर्ड और रेगुलेटर एक छोटे कार्यकाल पर भी विचार कर सकते हैं। अभी Sashidhar Jagdishan मुख्य उम्मीदवार हैं, लेकिन बैंक में डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर Kaizad Bharucha जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी हैं, जो इस चर्चा में शामिल रहे हैं। HDFC Bank का इतिहास रहा है कि वह शीर्ष पदों के लिए हमेशा अंदरूनी (internal) लोगों को तरजीह देता है। इसलिए, निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बैंक कैसे नेतृत्व की स्थिरता और RBI की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाता है।
