HDFC AMC के इक्विटी हेड चिराग सेटलवाड़ ने कहा कि स्मॉल और मिड-कैप में आई तेजी के बाद अब लार्ज-कैप स्टॉक्स निवेशकों के लिए आकर्षक हो गए हैं।
लार्ज-कैप की ओर झुकाव
HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी के इक्विटी हेड, चिराग सेटलवाड़ का मानना है कि बाजार में अब बदलाव का दौर आ सकता है। जहां स्मॉल-कैप और मिड-कैप इंडेक्स अपने ऐतिहासिक औसत से 20% से 25% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, वहीं निफ्टी 50 का वैल्यूएशन अब लॉन्ग-टर्म नॉर्म्स के करीब है। यह अंतर निवेशकों को अब स्थिर और दिग्गज लार्ज-कैप कंपनियों की ओर वापस खींच सकता है।
बाजार में निवेश की रणनीति
सेटलवाड़ के अनुसार, लार्ज-कैप स्टॉक्स में निवेशकों की हिस्सेदारी वर्तमान में कई वर्षों के निचले स्तर पर है, जो बदलाव का संकेत है। हालांकि स्मॉल और मिड-कैप के प्रीमियम 60% की ऊंचाई से नीचे आए हैं, फिर भी मौजूदा माहौल में 'ब्रॉड एक्सपोजर' के बजाय धीरे-धीरे और सोच-समझकर निवेश करना बेहतर है। एसेट मैनेजमेंट कंपनियां अब आक्रामक NFOs (New Fund Offerings) के बजाय अपने मौजूदा फंड्स को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। साथ ही, 2026 की दूसरी छमाही में बड़े IPOs के आने की उम्मीद है।
HDFC AMC की स्थिति और जोखिम
HDFC AMC ने अपने SIP इनफ्लो में लगातार अच्छी ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, यह सेक्टर चुनौतियों से भी अछूता नहीं है। निवेशकों को रेगुलेटरी बदलाव, जैसे कि एक्सपेंस रेशियो या कमीशन स्ट्रक्चर में बदलाव पर नजर रखनी चाहिए, जो मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्केट की उतार-चढ़ाव भरी स्थिति भी फीस इनकम के लिए एक जोखिम बनी हुई है। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आईटी सेक्टर पर असर और उसके बाद कॉरपोरेट अर्निंग्स पर होने वाली हलचल निवेशकों के लिए एक बड़ा 'वेरिएबल' होगी।
