HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) के शेयर में आज **2.14%** की तेजी देखी गई और यह **₹2,658.00** पर पहुंच गया। कंपनी ने जून 2026 की तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
जून तिमाही के नतीजे
HDFC AMC ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए ₹1,099.72 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹968.15 करोड़ से ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹837.13 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹747.55 करोड़ था। यह आंकड़े पिछले कई सालों से जारी ग्रोथ का सिलसिला जारी रखते हैं।
पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 24.08% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया गया है, जो 2023 में ₹2,166.81 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹4,122.16 करोड़ हो गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट में भी 26.03% का CAGR देखने को मिला, जो ₹1,423.37 करोड़ से बढ़कर ₹2,858.06 करोड़ हो गया। मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹66.77 रहा।
मजबूत बैलेंस शीट और शेयरहोल्डर रिटर्न
HDFC AMC की सबसे खास बात यह है कि कंपनी पर मार्च 2026 तक कोई कर्ज नहीं था (Debt to Equity ratio: 0.00)। कैपिटल एफिशिएंसी पर कंपनी का फोकस रिटर्न ऑन नेट वर्थ (Return on Networth) 30.96% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (Return on Capital Employed) 38.71% में झलकता है। मौजूदा भाव पर, शेयर का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 33.19 और प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो 10.29 है।
कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने के लिए डिविडेंड और बोनस का भी सहारा लिया है। 5 जून 2026 को ₹54.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया गया, जबकि अप्रैल 2025 में ₹90.00 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था। इसके अलावा, 2025 के अंत में 1:1 का बोनस इश्यू भी पूरा किया गया था।
आगे क्या?
एसेट मैनेजमेंट कंपनी होने के नाते, HDFC AMC का प्रदर्शन इक्विटी मार्केट के माहौल और म्यूचुअल फंड में निवेशकों की रुचि पर निर्भर करता है। कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़ाने की क्षमता और प्रतिस्पर्धी माहौल में प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा। इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड में आने वाले इनफ्लो (inflows) और इंडस्ट्री-वाइड एक्सपेंस रेशियो रेगुलेशन में किसी भी बदलाव पर नजर रखना होगा।
