HDFC AMC Share Price: कैसा रहा Q4? मुनाफा गिरा, पर Core Business रहा दमदार! जानिए क्या कहती है ब्रोकरेज

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AuthorNeha Patil|Published at:
HDFC AMC Share Price: कैसा रहा Q4? मुनाफा गिरा, पर Core Business रहा दमदार! जानिए क्या कहती है ब्रोकरेज
Overview

HDFC Asset Management Company (HDFC AMC) ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी बढ़त देखने को मिली, हालांकि मार्केट की उठापटक की वजह से नेट प्रॉफिट (Net Profit) में हल्की गिरावट आई है। इसके बावजूद, SIP के जर‍िए एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर **₹6.05 लाख करोड़** हो गया है।

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कोर बिजनेस में दम, पर नेट प्रॉफिट पर मार्केट का असर

HDFC Asset Management Company (HDFC AMC) ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) में बाजार की उथल-पुथल के बावजूद अपने कोर बिजनेस में जबरदस्त मजबूती दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹901.4 करोड़ से बढ़कर ₹1,051.5 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBIT) भी ₹713.6 करोड़ से बढ़कर ₹825.7 करोड़ तक पहुंच गया।

हालांकि, बाजार में आई अस्थिरता के कारण 'अन्य आय' (Other Income) में कमी आने से नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Net Profit After Tax) में मामूली गिरावट आई है। यह ₹638.5 करोड़ से घटकर ₹622.7 करोड़ रह गया।

SIP इनफ्लो ने AUM को दी रफ्तार

कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगातार आ रहे भारी निवेश ने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को ₹6.05 लाख करोड़ के स्तर तक पहुंचा दिया है। यह पिछले साल के मुकाबले 19.8% की शानदार बढ़ोतरी है। इस तिमाही में इंडस्ट्री-व्यापी SIP इनफ्लो ₹92,900 करोड़ दर्ज किया गया, जो मार्केट में गिरावट के समय भी निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। यूनिक निवेशकों (Unique Investors) की संख्या भी 1.32 करोड़ से बढ़कर 1.67 करोड़ हो गई है, जो ग्राहकों के बढ़ते आधार का संकेत है।

वैल्यूएशन प्रीमियम पर, पर परफॉरमेंस दमदार

HDFC AMC का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹1.14-1.19 लाख करोड़ के दायरे में है और इसका P/E रेश्यो लगभग 40x है। यह इंडस्ट्री के औसत P/E 22x से काफी प्रीमियम है, लेकिन कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 31% से ऊपर है और बैलेंस शीट पूरी तरह से डेट-फ्री है। कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (Operating Profit Margin) 78.2% पर स्थिर बनी हुई है, जो लागत पर मजबूत नियंत्रण दिखाता है। एक्टिव इक्विटी एसेट्स में HDFC AMC की मार्केट हिस्सेदारी भी लगभग 13.0% पर स्थिर है।

एनालिस्ट्स ने एडजस्ट किए टारगेट, पर आउटलुक पॉजिटिव

नेट प्रॉफिट में आई गिरावट और स्टॉक के प्रीमियम वैल्यूएशन को देखते हुए, कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने अपने प्राइस टारगेट (Price Target) में बदलाव किया है। Nuvama Institutional Equities ने अर्निंग फोरकास्ट को कम करते हुए टारगेट को ₹3,620 से घटाकर ₹3,170 कर दिया है, जो लगभग 19% का अपसाइड दिखाता है। Jefferies ने ₹3,090 और Morgan Stanley ने ₹2,975 का टारगेट दिया है।

इसके बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स HDFC AMC पर 'Buy' या 'Overweight' रेटिंग बनाए हुए हैं। Emkay Global ने तो ₹5,100 का काफी ऊंचा लक्ष्य रखा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि एसेट मैनेजमेंट बिजनेस मॉडल की स्केलेबिलिटी और नई TER नॉर्म्स का सीमित प्रभाव कंपनी के लिए पॉजिटिव रहेगा। मैनेजमेंट को भी नई TER नॉर्म्स का खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। कुल मिलाकर, HDFC AMC की एफिशिएंसी और SIP पर फोकस इसे भविष्य के लिए एक मजबूत दावेदार बनाता है, खासकर जब मार्केट सेंटिमेंट में सुधार की उम्मीद है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.