HDFC Asset Management Company ने सितंबर 2026 तिमाही में **4.2%** की प्रॉफिट ग्रोथ के साथ **₹749.9 करोड़** का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी के एसेट्स (**AUM**) बढ़कर रिकॉर्ड **₹9.69 लाख करोड़** पर पहुंच गए हैं।
मुनाफे में इजाफा और मजबूत रेवेन्यू
HDFC AMC का सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही का प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹749.9 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के ₹717.9 करोड़ से 4.2% अधिक है। कंपनी की ऑपरेशनल आय में भी 14% का उछाल देखा गया, जिससे यह ₹1,170 करोड़ तक पहुंच गई है।
इक्विटी पर फोकस से बढ़ी ताकत
कंपनी का औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹9.69 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के पोर्टफोलियो में 67% हिस्सा इक्विटी-ओरिएंटेड एसेट्स का है, जो इंडस्ट्री के 58% औसत से काफी अधिक है। चूँकि इक्विटी फंड्स में मैनेजमेंट फीस बेहतर होती है, इसलिए यह कंपनी के मार्जिन को मजबूती दे रहा है। इसके अलावा, कंपनी का रिटेल बेस भी मजबूत है, जहां इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी 70% तक पहुंच गई है।
कंपनी अब छोटे शहरों यानी B-30 लोकेशन्स पर भी काफी जोर दे रही है। कंपनी के 280 ऑफिसों में से 196 सेंटर छोटे शहरों में स्थित हैं, जो कुल एसेट्स में 20% का योगदान देते हैं।
रिस्क और ध्यान देने वाली बातें
ग्रोथ के बावजूद, एसेट मैनेजमेंट सेक्टर पर रेगुलेटरी दबाव बना हुआ है। SEBI की ओर से टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) को लेकर समय-समय पर होने वाली समीक्षाएं मुनाफे पर असर डाल सकती हैं। इसके अलावा, कंपनी का अधिकांश पोर्टफोलियो इक्विटी मार्केट से जुड़ा है, इसलिए बाजार की अस्थिरता (Volatility) सीधे तौर पर इनके रेवेन्यू को प्रभावित कर सकती है।
