HDB Financial Shares: दमदार नतीजों से शेयर रॉकेट पर! ₹568 करोड़ का रिकॉर्ड प्रॉफिट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HDB Financial Shares: दमदार नतीजों से शेयर रॉकेट पर! ₹568 करोड़ का रिकॉर्ड प्रॉफिट

HDB Financial Services के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने जून 2026 तिमाही में ₹568 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **38.3%** ज्यादा है। बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत इंटरेस्ट इनकम की बदौलत शेयर में **4%** से ज्यादा की तेजी आई है। कंपनी की लोन बुक बढ़कर **₹1.22 लाख करोड़** हो गई है, हालांकि एनालिस्ट्स का कहना है कि लोन ग्रोथ पर नजर रखनी होगी।

HDB Financial का शेयर क्यों चमका?

HDFC Bank की नॉन-बैंकिंग आर्म, HDB Financial Services के शेयरों में गुरुवार को 4% से ज्यादा की उछाल देखी गई और यह NSE पर ₹786.55 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। इस तेजी की वजह कंपनी का अब तक का सबसे शानदार तिमाही मुनाफा है, जो इसके मुख्य लेंडिंग बिजनेस में मजबूती का संकेत देता है।

रिकॉर्ड मुनाफा और आय

30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में, कंपनी ने ₹568 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 38.3% की शानदार बढ़ोतरी है। वहीं, कंपनी की कुल आय 16.8% बढ़कर ₹3,185 करोड़ रही। इस बेहतरीन परफॉरमेंस में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) का बड़ा हाथ रहा, जो 20% बढ़कर ₹2,509 करोड़ पर पहुंच गया। NII वह अंतर होता है जो कंपनी लोन से कमाती है और डिपॉजिट पर चुकाती है। आय में यह बढ़ोतरी दिखाती है कि कंपनी अपने लेंडिंग पोर्टफोलियो से पिछले साल की तुलना में बेहतर रिटर्न जेनरेट कर रही है।

एसेट क्वालिटी में सुधार और लोन बुक का विस्तार

30 जून 2026 तक, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1.22 लाख करोड़ थी, जो पिछले साल के मुकाबले 11.3% ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखाया है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) यानी डूबे हुए लोन का आंकड़ा घटकर 2.34% रह गया, जो पिछले साल 2.56% था। नेट NPA भी घटकर 1.04% पर आ गया, जो पिछले साल 1.11% था। लोन की रिकवरी में यह सुधार पोर्टफोलियो में बेहतर क्रेडिट डिसिप्लिन का संकेत देता है।

एनालिस्ट्स की राय

फाइनेंशियल नतीजों पर ब्रोकरेज फर्मों की राय मिली-जुली रही। Jefferies ने आने वाले दो फाइनेंशियल सालों के लिए कंपनी के अर्निंग अनुमानों को बढ़ाया है, जिसका कारण बेहतर इंटरेस्ट मार्जिन है। Nirmal Bang ने भी टारगेट प्राइस बढ़ाया है, जो कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (यानी कमाई की तुलना में खर्च) में कमी को ऑपरेशनल एफिशिएंसी का पॉजिटिव संकेत माना है।

हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं। Motilal Oswal का कहना है कि प्रॉफिट उम्मीद से ज्यादा रहा, लेकिन लोन ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। Emkay ने 'रिड्यूस' रेटिंग बरकरार रखी है, उनका मानना है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद, कंपनी का वैल्यूएशन और AUM ग्रोथ की मौजूदा रफ्तार पर सावधानी बरतनी चाहिए।

निवेशक अब आने वाली तिमाहियों में कंपनी की लोन बांटने की क्षमता पर नजर रखेंगे। बाजार का मुख्य फोकस यह होगा कि क्या कंपनी इन बेहतर प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाएगी और साथ ही, कॉम्पिटिटिव नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर में अपनी कुल लोन बुक का सफलतापूर्वक विस्तार कर पाएगी।

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