HDB Financial Services: शेयर में तूफानी तेजी! Q4 में ₹751 Cr का दमदार Profit, पर लोन ग्रोथ पर निवेशकों की नज़र

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HDB Financial Services: शेयर में तूफानी तेजी! Q4 में ₹751 Cr का दमदार Profit, पर लोन ग्रोथ पर निवेशकों की नज़र
Overview

HDB Financial Services ने Q4 FY26 के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में **41.4%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दमदार नतीजे के दम पर स्टॉक में **8%** तक की इंट्राडे तेजी देखी गई।

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मुनाफे की उड़ान, पर लोन ग्रोथ पर सवाल?

HDB Financial Services के शेयरों में बुधवार को शानदार तेजी देखी गई, जिसकी वजह कंपनी का Q4 FY26 का दमदार प्रॉफिट रहा। नतीजों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 41.4% बढ़कर ₹751 करोड़ हो गया। इस जंप के पीछे लोअर फंडिंग कॉस्ट (Lower Funding Cost) के चलते नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) का 8.2% तक पहुंचना और कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) का असर साफ दिखा। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) भी 22% बढ़कर ₹2,399 करोड़ रही।

डिस्बर्समेंट में उछाल, लोन बुक में धीमी रफ्तार

हालांकि, शानदार मुनाफे के बावजूद, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 10.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹1.19 लाख करोड़ और ग्रॉस लोन बुक में 10.9% की बढ़ोतरी के साथ ₹1.18 लाख करोड़ तक पहुंचने के बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) की नजरें डिस्बर्समेंट (Disbursements) पर टिकी हैं। डिस्बर्समेंट में 12.9% की तेज ग्रोथ देखी गई, जो ओवरऑल लोन बुक ग्रोथ से ज्यादा है। इसका मतलब है कि ग्राहकों की तरफ से तेजी से किए गए लोन रीपेमेंट (Loan Repayments) के कारण कंपनी के लोन पोर्टफोलियो का कुल विस्तार उतना नहीं हो पा रहा, जितना डिस्बर्समेंट से अनुमान लगाया जा रहा था।

पियर्स के मुकाबले वैल्यूएशन और सेक्टर की चाल

वैल्यूएशन (Valuation) के लिहाज़ से, HDB Financial Services अपने कॉम्पिटिटर्स (Competitors) के मुकाबले थोड़ी सस्ती दिख रही है। इसका P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 21.5x से 28.5x के बीच है, जबकि Bajaj Finance का P/E 31x-33x और Cholamandalam Investment and Finance Company का 26.5x के आसपास है। यह दर्शाता है कि बाज़ार शायद HDBFS को ग्रोथ के मामले में थोड़ा कम आंक रहा है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में 16% की सालाना ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन बढ़ती बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) और फंडिंग कॉस्ट (Funding Costs) मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।

जोखिम और आगे की राह

कंपनी के लिए कुछ प्रमुख जोखिम (Risks) भी हैं। अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loans) पोर्टफोलियो का करीब 27% हिस्सा बनाते हैं, जो क्रेडिट रिस्क (Credit Risk) बढ़ा सकता है। HDFC Bank इकोसिस्टम पर निर्भरता भी एक कंसंट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) है। इसके अलावा, उच्च ग्राहक रीपेमेंट की वजह से AUM ग्रोथ को बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है, जो भविष्य की कमाई के लिए महत्वपूर्ण है।

एनालिस्ट्स की राय और IPO की कहानी

एनालिस्ट्स (Analysts) की राय फिलहाल मिली-जुली है। JM Financial ने 'Add' रेटिंग और ₹710 का टारगेट दिया है, जबकि Motilal Oswal ने 'Neutral' रेटिंग और ₹720 का टारगेट रखा है। भविष्य में कंपनी के AUM, डिस्बर्समेंट और नेट प्रॉफिट में 14-20% की CAGR ग्रोथ का अनुमान है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले क्वार्टर्स में कंपनी डिस्बर्समेंट को सस्टेंड लोन ग्रोथ में कैसे बदल पाती है। यह भी गौर करने वाली बात है कि कंपनी जुलाई 2025 में ₹740 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुई थी, और वर्तमान शेयर की कीमत अभी भी उसके लिस्टिंग प्राइस से नीचे है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.