Groww के शेयर नई ऊंचाई के करीब, यूजर ग्रोथ बनी मुख्य वजह
Groww (Billionbrains Garage Ventures) के शेयरों में हाल ही में ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई है, जो 52-हफ्ते के नए हाई के करीब कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के शेयर 3.25% बढ़कर ₹192.71 पर पहुंच गए। इस तेज़ी की मुख्य वजह भारत के डिजिटल ब्रोकिंग मार्केट में Groww की मजबूत पकड़ और निवेशकों का भरोसा है। निफ्टी50 में भी आई तेज़ी ने इस सेक्टर के शेयरों को और सहारा दिया।
एनालिस्ट्स का भरोसा बरकरार, पर नतीजों में प्रॉफिट घटा
कई एनालिस्ट्स (Analysts) ने Groww के स्टॉक पर भरोसा जताया है और 'Buy' रेटिंग दी है, साथ ही टारगेट प्राइस (Target Price) भी सेट किए हैं। Jefferies ने तो कंपनी की ग्रोथ की तुलना Robinhood से की है और FY28 तक EPS CAGR 35% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि, Groww के Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 26% बढ़कर ₹1,261 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट 28% घटकर ₹547 करोड़ रह गया। एडजस्टेड EBITDA में 24% का अच्छा उछाल देखा गया, पर नेट प्रॉफिट में गिरावट मार्जिन पर दबाव या बढ़े हुए ऑपरेटिंग खर्चों (Operating Costs) की ओर इशारा कर रही है।
यूजर एक्वीजीशन में Groww का जलवा
Groww नए ग्राहकों (Clients) को जोड़ने में लगातार अपनी लीड बनाए हुए है। Q3 FY26 में कंपनी ने NSE पर 2.17 लाख एक्टिव क्लाइंट्स जोड़े और यह इकलौती बड़ी ब्रोकर रही जिसने इस तिमाही में हर महीने क्लाइंट्स बढ़ाए। कंपनी के ट्रांसैक्टिंग यूजर्स 2 करोड़ के पार हो गए, जो पिछले साल से 25% ज़्यादा हैं। कस्टमर एसेट्स (Customer Assets) में भी 39% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई। जनवरी 2026 तक, Groww के पास एक्टिव क्लाइंट्स का 27.66% हिस्सा था, जबकि Zerodha और Angel One जैसी कंपनियों की ग्रोथ धीमी रही या क्लाइंट्स घटे। Groww का कस्टमर एक्वीजीशन कॉस्ट (Customer Acquisition Cost) भी कम है, FY25 में यह ₹616 था, जबकि Angel One का ₹1,014 था।
वैल्यूएशन और कॉम्पिटिटिव चुनौतियाँ
बावजूद इसके, Groww का वैल्यूएशन (Valuation) महंगा नज़र आ रहा है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) रेश्यो 60x से 80x के बीच है, जो इसके प्रतिद्वंद्वियों Angel One (PE 23x-33x) से काफी ज़्यादा है। प्राइवेट कंपनी Zerodha, जो एक बड़ा कॉम्पिटिटर (Competitor) है, ने FY25 में अच्छा रेवेन्यू और प्रॉफिट दर्ज किया, लेकिन रेगुलेटरी बदलावों और बाज़ार में सुस्ती के कारण ब्रोकरेज इनकम में 40% की गिरावट की आशंका जताई है। Upstox ने भी FY25 में फ्लैट रेवेन्यू और घटते मार्केट शेयर जैसी चुनौतियों का सामना किया है।
रेगुलेटरी बदलावों का असर
भारतीय ब्रोकिंग इंडस्ट्री (Broking Industry) बड़े रेगुलेटरी बदलावों (Regulatory Changes) से गुज़र रही है। SEBI के नए स्टॉक ब्रोकर्स रेगुलेशन, जो जनवरी 2026 से लागू होंगे, कंप्लायंस (Compliance) को सुव्यवस्थित करेंगे और ऑप्शंस (Options) व फ्यूचर्स (Futures) ट्रेडिंग के लिए सख्त नियम लाएंगे, जिससे कुछ बिजनेस मॉडल्स के फीस स्ट्रक्चर (Fee Structures) पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, RBI भी कंज्यूमर प्रोटेक्शन (Consumer Protection) और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी (Financial Stability) को मज़बूत कर रहा है, जिसका असर पूरे फिनटेक (Fintech) लैंडस्केप पर दिख रहा है। वर्तमान में स्थिर पर सतर्क ब्याज दर (Interest Rate) का माहौल भी बाज़ार की गतिशीलता (Market Dynamics) में भूमिका निभा रहा है।
प्रॉफिटेबिलिटी और स्ट्रैटेजी पर चिंताएँ
शेयरों में तेज़ी के बावजूद, Groww का वैल्यूएशन कुछ स्थापित कंपनियों की तुलना में ज़्यादा लगता है। नेट प्रॉफिट में 28% की गिरावट, मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, इस बात पर सवाल उठाती है कि इसके प्रॉफिट मार्जिन्स कितने टिकाऊ हैं। Groww वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है और कस्टमर एसेट्स से कमाई करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ये नए वेंचर्स (Ventures) जोखिम भरे हैं और इन्हें अभी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Q3 FY26 में तो इसके वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में रेवेन्यू में गिरावट भी आई। कंपनी का 'कंज्यूमर इंटरनेट प्लेटफॉर्म' बनने का लक्ष्य नई प्रोडक्ट्स और मार्केटिंग में लगातार निवेश की मांग करता है, जिससे अल्पावधि (Short-term) में मुनाफे पर असर पड़ सकता है। एक बड़ी चुनौती अपने बड़े यूजर बेस, खासकर कम रेवेन्यू वाले म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) रखने वालों को, भरोसेमंद प्रॉफिट स्ट्रीम (Profit Stream) में बदलना है, ताकि वर्तमान वैल्यूएशन को सही ठहराया जा सके।
एनालिस्ट्स का नज़रिया सकारात्मक
आगे की ओर देखते हुए, एनालिस्ट्स का नज़रिया सकारात्मक बना हुआ है। Jefferies ने FY28 तक 35% EPS CAGR और ₹180 का टारगेट प्राइस अनुमानित किया है। Motilal Oswal को 19% अपसाइड दिख रहा है और टारगेट ₹185 है, जबकि JPMorgan ने ₹210 का टारगेट दिया है, जो Groww को एक मज़बूत कंज्यूमर इंटरनेट प्लेटफॉर्म मानते हैं। Groww का मैनेजमेंट कस्टमर्स और एसेट्स बढ़ाने के साथ-साथ खर्चों को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी अपने युवा कस्टमर बेस का फायदा उठाने की योजना बना रही है, उम्मीद है कि वे समय के साथ ज़्यादा खर्च करने वाले बनेंगे, जिससे प्रति यूजर रेवेन्यू (Revenue Per User) बढ़ेगा। कमोडिटीज़ (Commodities), मार्जिन ट्रेडिंग (Margin Trading) और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में विस्तार से FY28 तक रेवेन्यू में बड़ा योगदान आने की उम्मीद है।