Groww के CEO ललित केशरे का मानना है कि आने वाले समय में डीपटेक (Deeptech) भारत में इन्वेस्टमेंट की नई लहर लाएगा। साथ ही, उन्होंने **₹2,000** से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर लगी **0.4%** फीस का बचाव करते हुए इसे पेमेंट इंडस्ट्री की मजबूती के लिए जरूरी बताया है।
डीपटेक की ओर बढ़ रहा है भारत
Groww के CEO ललित केशरे ने भारत के भविष्य के तकनीकी परिदृश्य पर अपनी राय रखते हुए 'डीपटेक' को घरेलू इनोवेशन का अगला लीडर बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में फिनटेक और कंज्यूमर-सेंट्रिक एप्स का बोलबाला रहा, लेकिन अब भारत में जटिल इंजीनियरिंग फर्मों को स्केल करने का बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है। छोटे और फाउंडेशनल टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में दिख रही तकनीकी प्रगति इस बात का सबूत है कि हम अगले दौर की ओर बढ़ रहे हैं।
UPI फीस पर क्या बोले केशरे?
15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI ट्रांजेक्शन पर लागू 0.4% के मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर भी केशरे ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि यह फीस पेमेंट नेटवर्क के सुचारू संचालन के लिए जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि 96% ट्रांजेक्शन अभी भी फ्री हैं और यह नई पॉलिसी बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स के बीच रेवेन्यू को बेहतर तरीके से बांटने के लिए लाई गई है।
कंपनी की नई स्ट्रेटेजी
नवंबर 2025 में अपने पब्लिक लिस्टिंग के बाद, जिसने ₹6,632.3 करोड़ जुटाए थे, Groww अब एक नए फेज में है। सितंबर 2026 तक कंपनी के पास 2.35 करोड़ ट्रांजैक्टिंग यूजर्स हैं। केशरे ने जोर दिया कि कंपनी अब 'हाइपर-ग्रोथ' मॉडल के बजाय कस्टमर-सेंट्रिक अप्रोच पर फोकस कर रही है। उन्होंने यह भी देखा कि भारतीय रिटेल निवेशक अब ज्यादा परिपक्व हो गए हैं और शॉर्ट-टर्म हलचल के बजाय लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन पर ध्यान दे रहे हैं।
