📉 तिमाही नतीजों का पूरा विश्लेषण
Q3 FY26 के आंकड़े:
Gowra Leasing & Finance Limited (GLFL) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने Q3 FY26 में ईयर-ओवर-ईयर (YoY) 89.2% की ज़बरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹151.40 लाख की तुलना में बढ़कर ₹286.49 लाख हो गई। वहीं, नौ महीने की अवधि में रेवेन्यू में 171.7% का शानदार उछाल आया और यह ₹834.95 लाख पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹307.59 लाख था।
मुनाफे में गिरावट की वजह:
हालांकि, रेवेन्यू की यह ग्रोथ मुनाफे में तब्दील नहीं हो सकी। Q3 FY26 में Profit After Tax (PAT) में 23.4% की YoY गिरावट आई, जो ₹179.68 लाख से घटकर ₹137.55 लाख रह गया। इसके चलते बेसिक Earnings Per Share (EPS) भी गिरकर ₹2.48 हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹5.34 था।
नौ महीने की अवधि के लिए, PAT में 39.7% की वृद्धि होकर ₹386.05 लाख हुआ। इसके बावजूद, नौ महीनों का बेसिक EPS 15.5% गिरकर ₹6.95 रहा, जबकि पिछले साल यह ₹8.22 था।
किन वजहों से घटा मुनाफा?
Q3 FY26 में रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद PAT में आई भारी गिरावट के पीछे मुख्य कारण 'अन्य इनकम' (Other Income) में बड़ी कमी और फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) में हुई बढ़ोतरी है। 'अन्य इनकम' पिछले साल के ₹127.17 लाख की तुलना में घटकर इस तिमाही में केवल ₹2.52 लाख रह गई। वहीं, फाइनेंस कॉस्ट दोगुनी से ज़्यादा होकर ₹74.42 लाख हो गई, जो पिछले साल ₹30.51 लाख थी। इसके अलावा, इक्विटी शेयर कैपिटल का ₹774.79 लाख (पिछले साल ₹545.45 लाख) तक बढ़ना भी EPS पर दबाव का एक कारण रहा।
मैनेजमेंट की ओर से कोई गाइडेंस नहीं:
जारी किए गए नतीजों में कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से भविष्य को लेकर कोई खास बयान या आउटलुक (Outlook) नहीं दिया गया है, जिससे निवेशकों को कंपनी की भविष्य की रणनीति या मार्जिन दबाव को लेकर कोई स्पष्टता नहीं मिल पाई है।