सरकार ने अपने सालाना बरोइंग टारगेट को घटाकर **₹16 लाख करोड़** कर दिया है, जो पहले **₹16.09 लाख करोड़** आंका गया था। इस कटौती से बॉन्ड सप्लाई पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
भारत सरकार ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही के लिए अपने कर्ज लेने की योजना में बड़ा बदलाव किया है। अक्टूबर से मार्च के बीच सरकार ₹7.86 लाख करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। इस नए अपडेट के साथ अब पूरे साल का बरोइंग टारगेट घटकर ₹16 लाख करोड़ रह गया है।
बॉन्ड सप्लाई पर असर
बॉन्ड ट्रेडर्स के लिए यह खबर काफी अहम है, क्योंकि पिछले कुछ समय से बाजार में भारी सप्लाई का दबाव था। सरकार ने 5 साल और 10 साल के बॉन्ड की जारी होने वाली संख्या को कम करने का फैसला किया है। पिछले 6 हफ्तों में 10 साल के बेंचमार्क यील्ड में 36 बेसिस पॉइंट्स की तेजी देखी गई थी, ऐसे में यह कदम राहत देने वाला साबित हो सकता है।
ग्लोबल और घरेलू दबाव
हालांकि सप्लाई कम हुई है, लेकिन बॉन्ड मार्केट के सामने अब भी कई चुनौतियां हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स 2 दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसने ग्लोबल डेट मार्केट में खलबली मचा रखी है। साथ ही, घरेलू स्तर पर 4.82% की रिटेल महंगाई दर भी चिंता का विषय बनी हुई है।
अब निवेशकों की नजरें Reserve Bank of India की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा (Monetary Policy Review) पर टिकी हैं। बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या कम बॉन्ड सप्लाई, ग्लोबल यील्ड्स के दबाव को बेअसर कर पाएगी या नहीं।
