सरकार मानसून सत्र में एक नया बिल पेश करने जा रही है। यह बिल विदेशी निवेशकों को सरकारी सिक्योरिटीज पर मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन्स पर टैक्स छूट को पक्का करेगा।
विदेशी निवेशकों को क्यों मिल रही है टैक्स में राहत?
भारतीय सरकार अब विदेशी निवेशकों को सरकारी सिक्योरिटीज (Government Securities) में निवेश पर टैक्स छूट देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मानसून सत्र में एक नया बिल, Income-tax (Amendment) Bill, पेश किया जाएगा। यह बिल पिछले महीने जारी किए गए एक अध्यादेश (Ordinance) की जगह लेगा, जो फिलहाल विदेशी निवेशकों के सरकारी बॉन्ड्स पर हुए ब्याज और कैपिटल गेन्स पर टैक्स में छूट दे रहा है।
रुपये को मिलेगी मजबूती, बढ़ेगी लिक्विडिटी?
सरकार के इस कदम से विदेशी पूंजी (Foreign Capital) को भारत में निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की उम्मीद है। खासकर तब, जब रुपये पर दबाव बना हुआ है और वैश्विक अनिश्चितताएं बढ़ रही हैं। टैक्स की बाधाओं को हटाकर, सरकार चाहती है कि विदेशी फंड्स भारतीय सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाएं। इससे न केवल रुपये को सहारा मिलेगा, बल्कि सॉवरेन डेट मार्केट (Sovereign Debt Market) में लिक्विडिटी (Liquidity) भी बढ़ेगी।
फिलहाल, विदेशी निवेशकों को एक साल से ज्यादा समय तक रखे गए लिस्टेड बॉन्ड्स पर 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और सरकारी सिक्योरिटीज से होने वाली आय पर 20% का विदहोल्डिंग टैक्स देना पड़ता था। अध्यादेश से इन टैक्सेस से राहत मिली है, जिसे अब बिल के जरिए स्थायी रूप दिया जाएगा।
मानसून सत्र में अन्य अहम बिल
टैक्स संशोधन बिल के अलावा, मानसून सत्र में कुछ अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय कानून भी पेश किए जाएंगे। इनमें Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill, 2026 भी शामिल है, जिसका उद्देश्य छोटे व्यवसायों के लिए काम को आसान बनाना और MSMEs को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। सरकार 2022-23 के लिए Demands for Excess Grants भी पेश करेगी।
निवेशकों के लिए, Income-tax (Amendment) Bill का पारित होना सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) को बड़े निवेश के लिए कानूनी स्पष्टता मिलेगी।
