सरकार ने Kisan Credit Card (KCC) और PM MUDRA Yojana की लिमिट्स को अब UPI क्रेडिट फ्रेमवर्क के साथ जोड़ दिया है। इससे कर्जदार सीधे मर्चेंट्स को पेमेंट कर सकेंगे। साथ ही, अब एंड्रॉइड आधारित ATM भी लाए जा रहे हैं। हालांकि, PSU बैंक शेयरों में अभी दबाव बना हुआ है, जिसका कारण बाजार की अन्य गतिविधियां हैं।
वित्त सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने KCC और MUDRA लोन की लिमिट्स को 'Credit Line on UPI' से इंटीग्रेट कर दिया है। इस बदलाव के बाद, प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन्स अब डिजिटल पेमेंट के साधन बन गई हैं। भारत में करीब 7.7 करोड़ KCC अकाउंट और 57 करोड़ MUDRA लोन अकाउंट्स का जाल है, जिन्हें अब डिजिटल भुगतान के लिए सीधे इस्तेमाल किया जा सकेगा।
बैंकिंग सेक्टर में डिजिटल बदलाव
State Bank of India, Bank of Baroda और Punjab National Bank जैसे सरकारी बैंकों ने इस सुविधा को लागू करना शुरू कर दिया है। इस कदम से ग्रामीण इलाकों में छोटे लेनदेन की लागत कम होगी और बैंकों को फंड के उपयोग पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। आने वाले क्वार्टर्स में यह बैंकों की कार्यक्षमता (Efficiency) को बढ़ा सकता है।
नई पीढ़ी के एंड्रॉइड ATM
सरकार केवल डिजिटल पेमेंट पर ही नहीं, बल्कि फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान दे रही है। नए एंड्रॉइड आधारित ATM अब सिर्फ नकदी निकालने तक सीमित नहीं रहेंगे। इनमें RuPay डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इंस्टेंट इश्यूअंस, बायोमेट्रिक डिपॉजिट और लोन आवेदन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। Airtel Payments Bank और Slice जैसी संस्थाएं इनका परीक्षण कर रही हैं।
बाजार का नजरिया
ऑपरेशनल तौर पर यह एक बड़ी खबर है, लेकिन निवेशकों को इसे PSU बैंक शेयरों में चल रही गिरावट से अलग रखना चाहिए। बैंक शेयरों में दबाव का मुख्य कारण सरकारी हिस्सेदारी बेचने (Stake-sale) की योजना और NSE का IPO है। आने वाले समय में साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि जैसे-जैसे क्रेडिट और बायोमेट्रिक डेटा डिजिटल होगा, सुरक्षा के कड़े इंतजामों की चुनौती भी बढ़ेगी।
