सरकार और LIC ने IDBI Bank में अपनी संयुक्त 60.72% हिस्सेदारी Fairfax Financial Holdings को बेचने का समझौता किया है। यह डील **₹81** प्रति शेयर के भाव पर तय हुई है, जो बैंक के प्राइवेटाइजेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्राइवेट हाथों में बैंक की कमान
केंद्र सरकार और Life Insurance Corporation of India (LIC) अब IDBI Bank में अपनी प्रमोटर की भूमिका से बाहर निकलने की तैयारी में हैं। इस बड़ी डील की कुल वैल्यू लगभग ₹53,000 करोड़ आंकी गई है। डील पूरी होने के बाद सरकार और LIC की बैंक में हिस्सेदारी घटकर 15% रह जाएगी, और वे केवल पब्लिक शेयरहोल्डर की श्रेणी में आ जाएंगे।
मैनेजमेंट और बोर्ड में बड़ा बदलाव
इस बदलाव के साथ ही सरकार और LIC बैंक के बोर्ड से अपना प्रतिनिधित्व वापस ले लेंगे और सारा प्रबंधन नियंत्रण Fairfax Financial Holdings के पास चला जाएगा। अब बैंक की भविष्य की पूंजी और ऑपरेशंस की जिम्मेदारी पूरी तरह से नए खरीदार के कंधों पर होगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
नियामक प्रक्रियाओं के तहत, Fairfax को माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए 'ओपन ऑफर' (Open Offer) लाना अनिवार्य होगा, जिससे छोटे निवेशकों को अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा। डील के तहत, LIC को भी अपनी हिस्सेदारी को 15% के दायरे में लाने के लिए कुछ शेयर बाजार में जारी करने होंगे, जिससे पब्लिक फ्लोट बढ़ेगा।
अगली बड़ी डेडलाइन
फिलहाल यह डील Reserve Bank of India (RBI) की मंजूरी के अधीन है। सरकारी सूत्रों का लक्ष्य इस पूरे प्रोसेस को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के खत्म होने से पहले पूरा करने का है। निवेशकों की नजर अब RBI की फाइनल क्लियरेंस और ओपन ऑफर की घोषणा पर टिकी है।
