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Gold पर भू-राजनीतिक तनाव का साया, भारत की Digital Economy ने बनाए रिकॉर्ड!

BANKINGFINANCE
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AuthorAditya Rao|Published at:
Gold पर भू-राजनीतिक तनाव का साया, भारत की Digital Economy ने बनाए रिकॉर्ड!
Overview

दुनिया भर के बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण बड़ी हलचल देखी गई, जिससे Gold और Silver की कीमतों में गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों से स्थिति और अनिश्चित हुई, जिससे वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स (Wall Street futures) भी गिरे। वहीं, भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत संकेत दिए, जहाँ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने मार्च में **22.64 बिलियन** ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड तोड़ा।

वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर अस्पष्ट बयानों ने वैश्विक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। अगले दो-तीन हफ्तों में और सैन्य कार्रवाई की धमकियों ने निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (risk aversion) को जन्म दिया। इसके चलते वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स (Wall Street futures) में तेज गिरावट दर्ज की गई। कमोडिटी बाज़ारों में भी भारी गिरावट आई; COMEX गोल्ड की कीमतें 2.21% गिरकर $4,677 प्रति औंस पर आ गईं, जबकि सिल्वर 4.22% गिरकर $72.87 प्रति औंस पर पहुँच गई। इस गिरावट के पीछे डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक चिंताओं का मिश्रण है। यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) में भी बढ़ोतरी देखी गई, जो सुरक्षित संपत्तियों की ओर निवेशकों के झुकाव को दर्शाता है।

भारत में डिजिटल क्रांति, UPI ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

वैश्विक कमोडिटी बाज़ारों में गिरावट के विपरीत, भारत की घरेलू डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अनुसार, मार्च 2026 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर रिकॉर्ड 22.64 बिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹29.53 लाख करोड़ रही। यह UPI के इतिहास में मासिक वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो भारतीय जीवनशैली में रियल-टाइम पेमेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल और देश की तेज डिजिटल प्रगति को दर्शाता है। फरवरी में आई मामूली गिरावट के बाद मार्च के ये आंकड़े एक मजबूत वापसी का संकेत देते हैं।

भारतीय बैंक स्थिर, गोल्ड इंपोर्ट पर कसा शिकंजा

भारत का बैंकिंग सेक्टर भी स्थिर प्रदर्शन कर रहा है। मिड-साइज़्ड बैंकों ने मार्च तिमाही में मजबूत बिज़नेस ग्रोथ की रिपोर्ट दी है, जिसमें लोन (loans) और डिपॉजिट (deposits) दोनों में साल-दर-साल दो अंकों की वृद्धि देखी गई। विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय बैंक फाइनेंशियल ईयर 2026 तक स्थिर क्रेडिट मेट्रिक्स बनाए रखेंगे। इस घरेलू आर्थिक मजबूती के साथ ही, भारत के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने ASEAN देशों से गोल्ड और गोल्ड ज्वेलरी के इंपोर्ट पर नए नियम लागू कर दिए हैं। इन वस्तुओं को पहले फ्री इंपोर्ट लिस्ट में रखा गया था, लेकिन अब इनके आयात के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेड डील्स के तहत कम टैरिफ का लाभ उठाने के लिए गोल्ड को अन्य देशों से भारत में आयात न किया जा सके। यह नीतिगत बदलाव तब आया जब वैश्विक गोल्ड की कीमतें तेजी से गिर रही थीं।

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