Gold Loan बूम! बैंक क्रेडिट में 94% की तूफानी तेजी, FY27 की पहली तिमाही में दिखे चौंकाने वाले आंकड़े

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gold Loan बूम! बैंक क्रेडिट में 94% की तूफानी तेजी, FY27 की पहली तिमाही में दिखे चौंकाने वाले आंकड़े

FY27 की पहली तिमाही में बैंकों का क्रेडिट (Credit) **18.6%** बढ़कर **₹219.4 लाख करोड़** पर पहुंच गया है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह गोल्ड-लोन (Gold Loan) में आई **94%** की जबरदस्त तेजी रही, जिसने बैंकों की बुक्स में **₹74,000 करोड़** से ज्यादा का इजाफा किया।

गोल्ड लोन बना बैंकों का सहारा!

FY27 की पहली तिमाही (Q1) में भारतीय बैंकों के लिए गोल्ड लोन एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है। जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में गोल्ड लोन सेगमेंट में 93.8% का भारी उछाल देखा गया है। बैंकों ने इन पोर्टफोलियो में ₹74,171 करोड़ जोड़े हैं। यह सेगमेंट अब इंडस्ट्री में एक अहम भूमिका निभा रहा है, जो बैंकों द्वारा दिए गए कुल नॉन-फूड क्रेडिट (Non-Food Credit) का 13.1% हिस्सा है।

इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर में भी रफ्तार

गोल्ड-लोन के अलावा, व्यापक क्रेडिट बाजार (Credit Market) में भी लगातार तेजी देखी गई। बैंकों का कुल क्रेडिट 18.6% बढ़कर ₹219.4 लाख करोड़ पर पहुंच गया। औद्योगिक ऋण (Industrial Lending), जो आर्थिक गतिविधि का एक प्रमुख संकेतक है, 19.2% बढ़कर ₹47.7 लाख करोड़ हो गया। बड़े उद्योगों ने इसमें सबसे ज्यादा मांग दिखाई, जिनका बकाया क्रेडिट 16.6% बढ़ा। वहीं, मीडियम साइज के उद्यमों (Medium-sized Enterprises) में क्रेडिट की मांग और भी तेज दिखी, 30% बढ़कर ₹4.7 लाख करोड़ हो गया।

पेट्रोलियम, पावर और इंजीनियरिंग जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर्स (Capital-intensive sectors) ने भी अपने लोन पोर्टफोलियो में खास बढ़ोतरी दर्ज की। इन तीनों सेक्टर्स ने तिमाही के दौरान इंडस्ट्रीज में बांटे गए कुल क्रेडिट का 41% हिस्सा जोड़ा, जो लगभग ₹25,000 करोड़ प्रति सेक्टर था। सर्विस सेक्टर (Services Sector) ने भी 21.4% की मजबूत ग्रोथ दिखाई।

पर्सनल लोन का क्या हाल?

जहां गोल्ड लोन में तेजी रही, वहीं अन्य पर्सनल लोन (Personal Loan) कैटेगरी में सामान्य ग्रोथ देखने को मिली। हालांकि, व्हीकल लोन (Vehicle Loans) 17.3% बढ़कर ₹7.5 लाख करोड़ पर पहुंच गए, जो पिछले साल की इसी तिमाही की ग्रोथ रेट से लगभग दोगुना है।

निवेशकों के लिए खास बातें

गोल्ड-लोन में इतनी तेज बढ़ोतरी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है। हालांकि गोल्ड लोन सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन अन्य पर्सनल क्रेडिट सेगमेंट की तुलना में इनकी विस्फोटक वृद्धि उधारकर्ताओं के व्यवहार में बदलाव का संकेत देती है। मुख्य चिंता यह है कि क्या सोने की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव या उधारकर्ताओं की भुगतान क्षमता पर असर पड़ने पर यह आक्रामक विस्तार लोन रिकवरी में कोई समस्या पैदा करेगा।

आगे चलकर, मार्केट पार्टिसिपेंट्स (Market Participants) तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे कि कौन से बैंक इन हाई-ग्रोथ सेगमेंट में सबसे ज्यादा एक्सपोज्ड (Exposed) हैं। एनालिस्ट्स (Analysts) इस बात पर ध्यान देंगे कि क्या ये बैंक फिजिकल कोलेटरल (Physical Collateral) के ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करते हुए अपना प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) बनाए रख सकते हैं, साथ ही अपने नए गोल्ड और इंडस्ट्रियल क्रेडिट पोर्टफोलियो में खराब लोन (Bad Loans) को कम रखने की क्षमता भी देखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.