Gold Loan Sector Boom: Muthoot Finance की दमदार चाल, Manappuram Finance पर वैल्यूएशन का सवाल?

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Gold Loan Sector Boom: Muthoot Finance की दमदार चाल, Manappuram Finance पर वैल्यूएशन का सवाल?
Overview

सोने के कर्ज (Gold Loan) का सेक्टर रॉकेट बन गया है! सोने की कीमतों में आए उछाल के दम पर इस सेक्टर में **42%** का जोरदार इजाफा हुआ है, जिससे कुल लोन **₹15.6 लाख करोड़** तक पहुंच गया है। इस बीच, ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Muthoot Finance को 'Buy' रेटिंग दी है, वहीं Manappuram Finance को 'Hold' पर रखा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

सोने के कर्ज के सेक्टर में बूम, क्या हैं इसके कारण?

सोने के बढ़ते दामों की वजह से गोल्ड लोन सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। नवंबर 2025 तक, सोने के बदले दिए गए लोन 42% बढ़कर ₹15.6 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गए हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह ग्रोथ आगे भी जारी रहेगी, और मार्च 2027 तक एनबीएफसी (NBFC) एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹50 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकते हैं।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़े गोल्ड-लोन एनबीएफसी के लिए ब्रांच खोलने के नियमों को आसान बना दिया है। अब 1,000 से ज्यादा ब्रांच वाली कंपनियों को ब्रांच विस्तार के लिए पहले से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। यह नियम फरवरी 2026 से लागू होगा। इससे Muthoot Finance जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा हो सकता है, जिनके पास 4,800 से ज्यादा ब्रांच हैं। हालांकि, बैंकों का रिटेल गोल्ड लोन मार्केट में दबदबा बढ़ रहा है, जो दिसंबर 2025 तक 55% तक पहुंच गया है, और यह एनबीएफसी के लिए एक चुनौती बनी हुई है।

Muthoot Finance: ऑपरेशनल एफिशिएंसी और वैल्यू का दम

Muthoot Finance इस सेक्टर में अपनी बेहतरीन ऑपरेशनल एफिशिएंसी की वजह से अलग दिखती है। कंपनी का प्रति ब्रांच AUM लगभग ₹28.10 करोड़ है, जो कि इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा है। कंपनी के पास प्रति ब्रांच औसतन 1,300 ग्राहक हैं, जिससे कंपनी का ऑपरेटिंग खर्च काफी कम रहता है। कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Fitch ने इसकी लॉन्ग-टर्म रेटिंग को 'BB+' और Moody's ने 'Ba1' तक बढ़ाया है।

Muthoot Finance के शेयर ने पिछले साल 81% का शानदार रिटर्न दिया है और यह रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है। ऐसा मजबूत लोन डिमांड और सोने की अनुकूल कीमतों के कारण हुआ है। कंपनी का P/E रेश्यो फिलहाल 15.5x-18.5x के आसपास है, जो इसकी ग्रोथ और ऑपरेशनल स्ट्रेंथ के मुकाबले काफी वाजिब लगता है। H1 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड लोन AUM ₹1.47 लाख करोड़ रहा, जिसमें प्रॉफिट ग्रोथ भी अच्छी रही है।

Manappuram Finance: हाई वैल्यूएशन और एग्जीक्यूशन की चुनौतियां

Manappuram Finance भी इस सेक्टर का एक अहम खिलाड़ी है, लेकिन इसका P/E रेश्यो काफी ज्यादा है, जो 61.8x से 65.35x तक रहा है। यह हाई वैल्यूएशन काफी उम्मीदें दिखाता है, लेकिन हालिया वित्तीय प्रदर्शन और एनालिस्ट्स की राय थोड़ी सतर्क है। कंपनी ने Q3 FY26 में अपने नेट प्रॉफिट में 14.5% की गिरावट दर्ज की है, जिसका मुख्य कारण इसकी माइक्रोफाइनेंस सब्सिडियरी Asirvad MFI का घाटे में चलना रहा। साथ ही, ऑटो लोन में NPA भी बढ़ा है।

Manappuram Finance ने माइक्रोफाइनेंस में अपना एक्सपोजर कम किया है और गोल्ड लेंडिंग पर फोकस बढ़ा रहा है। हालांकि, कंपनी के ऑपरेशनल मेट्रिक्स, जैसे प्रति ब्रांच AUM, Muthoot Finance से पीछे हैं। शेयर की कीमतों में भी सोने की कीमतों में गिरावट के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जो इसकी अधिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। Jefferies ने इसे 'Hold' रेटिंग दी है, जो एग्जीक्यूशन रिस्क और मार्जिन पर दबाव को दर्शाता है।

सोने की कीमतों का सुपरसाइकल और सेक्टर का भविष्य

गोल्ड लोन सेक्टर के लिए सोने की कीमतें सबसे अहम फैक्टर बनी हुई हैं। 2026 की शुरुआत में सोना $5,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक हाई के पास कारोबार कर रहा था, और उम्मीद है कि साल के अंत तक यह $6,000+ तक भी जा सकता है। सेंट्रल बैंकों की मांग और मैक्रो इकोनॉमिक जोखिमों के चलते निवेशक सोने में हेजिंग कर रहे हैं, जो गोल्ड-बैक्ड लेंडिंग के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। पूरे एनबीएफसी सेक्टर की ग्रोथ FY26 में 15-17% रहने का अनुमान है।

आगे क्या उम्मीद करें?

एनालिस्ट्स का नज़रिया फिलहाल पॉजिटिव लेकिन काफी अलग-अलग है। Jefferies ने Muthoot Finance को ₹4,750 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जो बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो और वाजिब वैल्यूएशन का संकेत देता है। Manappuram Finance के लिए, Jefferies ने 'Hold' रेटिंग बनाए रखी है, और आगे की तेजी एग्जीक्यूशन और रिटर्न रेश्यो में सुधार पर निर्भर करेगी। कुछ अन्य ब्रोकरेज हाउस ने भी Muthoot Finance के लिए पॉजिटिव सेंटीमेंट दिखाया है। हालांकि, ICICI Securities ने Manappuram Finance पर 'Buy' रेटिंग के साथ ₹355 का टारगेट दिया है, लेकिन हाई P/E और मिले-जुले ऑपरेशनल नतीजों को देखते हुए, इसमें बड़ा बदलाव (turnaround) लाने के लिए काफी काम बाकी है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.