घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में एक हफ्ते की निचली स्तर पर गिरावट का असर गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों पर दिखा है। Muthoot Finance, Manappuram Finance और IIFL Finance के शेयरों में आज बिकवाली हावी रही, जिससे निवेशक थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं।
बाजार में मची हलचल
आज के ट्रेडिंग सेशन में गोल्ड लोन सेक्टर के प्रमुख शेयरों में 3% से 6% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की मुख्य वजह घरेलू बाजार में सोने के भावों में आई कमी है, जो अब 24 कैरेट सोने के लिए ₹1,45,803 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहे हैं।
क्यों डर रहे हैं निवेशक?
गोल्ड लोन कंपनियों का पूरा बिजनेस मॉडल कोलैटरल (Collateral) यानी गिरवी रखे गए सोने पर टिका होता है। जब सोने की कीमतें तेजी से गिरती हैं, तो कंपनी का Loan-to-Value (LTV) रेश्यो बिगड़ जाता है। अगर गिरवी रखे सोने की वैल्यू लोन की रकम से कम हो जाती है, तो कंपनियों के सामने मार्जिन कॉल या डिफॉल्ट का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है।
वैश्विक संकेतों का असर
सोने की कीमतों में इस कमजोरी के पीछे भारतीय रुपये की मजबूती और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कई कारण हैं। इसके अलावा, निवेशकों की नजरें 27-28 अक्टूबर को होने वाली U.S. Federal Reserve की बैठक पर टिकी हैं। चूंकि सोना एक नॉन-यिल्डिंग एसेट (Non-yielding asset) है, इसलिए ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आहट से निवेशक गोल्ड से दूरी बना रहे हैं।
आगे क्या?
RBI जैसे रेगुलेटर इन NBFCs के लोन बुक और गोल्ड-बैकड लोन की सुरक्षा पर बारीकी से नजर रखते हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर सोने की कीमतों में गिरावट का दौर लंबा खिंचा, तो कंपनियों को अपनी लोन वसूली या LTV पॉलिसी में सख्ती बरतनी पड़ सकती है। फिलहाल, निवेशक अब फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
