Gold Loan Lenders: कंपनियों की मांग, Tier 1 कैपिटल को घटाकर **10%** किया जाए

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Loan Lenders: कंपनियों की मांग, Tier 1 कैपिटल को घटाकर **10%** किया जाए

गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां अब रेगुलेटर्स से नियम बदलने की मांग कर रही हैं। लेंडर्स का कहना है कि Tier 1 कैपिटल की मौजूदा **12%** की सीमा को घटाकर **10%** किया जाना चाहिए, ताकि NBFC सेक्टर के मानकों के साथ बराबरी की जा सके।

भारत में गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां अब चाहती हैं कि उनकी रेगुलेटरी कैपिटल जरूरतों को बाकी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के स्तर पर लाया जाए। फिलहाल, इन कंपनियों के लिए Tier 1 कैपिटल रेशियो 12% बनाए रखना अनिवार्य है, जबकि अन्य अधिकांश NBFCs के लिए यह सीमा 10% है। इंडस्ट्री का मानना है कि 2% का यह अंतर उन्हें स्ट्रक्चरल नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि उन्हें महंगे इक्विटी कैपिटल पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।

क्यों है बदलाव की जरूरत?

यह मांग ऐसे समय पर उठी है जब यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड लोन की मांग में साल-दर-साल 68.5% का उछाल आया है। बढ़ती सोने की कीमतों और छोटे व्यवसायों की कर्ज जरूरतों ने कंपनियों के बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ा दिया है। कंपनियों का तर्क है कि अगर यह लिमिट 10% होती है, तो वे बेहतर कैपिटल मैनेजमेंट कर पाएंगी और ग्राहकों को और सस्ते ब्याज दरों पर कर्ज दे सकेंगी।

एसेट क्वालिटी पर लेंडर्स का तर्क

कंपनियों का कहना है कि गोल्ड लोन बाकी असुरक्षित (unsecured) लोन के मुकाबले काफी सुरक्षित हैं। सोने की हाई लिक्विडिटी और सख्त Loan-to-Value (LTV) लिमिट के कारण जोखिम काफी कम है। इसलिए, भारी कैपिटल बफर रखना उनकी कर्ज देने की क्षमता को सीमित करता है।

रिस्क और रेगुलेटर की नजर

हालांकि, राह आसान नहीं है। रेगुलेटर्स सिस्टम की स्टेबिलिटी के लिए हाई कैपिटल बफर को जरूरी मानते हैं। जानकारों का कहना है कि अगर कंपनियों को अधिक लीवरेज (leverage) की छूट मिलती है, तो सोने की कीमतों में गिरावट आने पर बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, बैंकों की इस क्षेत्र में बढ़ती दखलअंदाजी से भी मार्जिन पर असर पड़ रहा है। अब सबकी नजरें Reserve Bank of India (RBI) पर टिकी हैं कि क्या वे इन दलीलों को स्वीकार करेंगे या पुराने नियमों को ही कायम रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.