वैश्विक नियामकों ने नॉन-बैंक ऋण जोखिमों के कारण 2008 जैसी वित्तीय संकट की चेतावनी दी

BANKINGFINANCE
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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
वैश्विक नियामकों ने नॉन-बैंक ऋण जोखिमों के कारण 2008 जैसी वित्तीय संकट की चेतावनी दी
Overview

अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के वित्तीय नियामकों को 2008 जैसी वित्तीय संकट के संभावित वापसी की चिंता है। यह डर फर्स्ट ब्रांड्स और ट्राइकलर जैसी कंपनियों के पतन से बढ़ गया है, जो नॉन-डिपॉजिटरी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (NDFIs) और प्राइवेट इक्विटी फर्मों से बहुत ज़्यादा जुड़ी हुई थीं। ये संस्थाएं, जो अक्सर पारंपरिक बैंकों की तुलना में कम निगरानी में काम करती हैं, आक्रामक रूप से ऋण दे रही हैं, जिससे प्रणालीगत जोखिम (systemic risk) और वित्तीय प्रणाली की परस्पर संबद्धता (interconnectedness) के बारे में चिंताएँ बढ़ गई हैं, जो 2008 के संकट से पहले की कमजोरियों की याद दिलाती हैं।

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अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के वित्तीय नियामक और केंद्रीय बैंक संभावित प्रणालीगत जोखिमों (systemic risks) को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, उन्हें 2008 के वित्तीय संकट के दोबारा होने का डर है। फर्स्ट ब्रांड्स और ट्राइकलर जैसी कंपनियों के हालिया दिवालियापन से यह चिंता और बढ़ गई है। ये विफलताएँ नॉन-डिपॉजिटरी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (NDFIs) और व्यापक प्राइवेट इक्विटी क्षेत्र के भीतर की समस्याओं को उजागर करती हैं, जो अपनी ऋण गतिविधियों का तेज़ी से विस्तार कर रहे हैं।
NDFIs, पारंपरिक बैंकों के विपरीत, जनता से बीमित जमा (insured deposits) स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने निवेशकों से धन जुटाना बढ़ाया है ताकि वे उच्च-जोखिम वाले उधारकर्ताओं को ऋण दे सकें, जिनसे पारंपरिक बैंक अक्सर सख्त नियमों और पूंजी पर्याप्तता मानदंडों (capital adequacy norms) के कारण बचते हैं। यह पर्याप्त तरलता (liquidity) की उपलब्धता और प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा उच्च रिटर्न की तलाश से सुगम हुआ है। नॉन-बैंक फाइनेंशियल इंटरमीडियरी (NBFI) क्षेत्र काफी बढ़ गया है, अब यह वैश्विक वित्तीय संपत्तियों का लगभग आधा हिस्सा है।
फर्स्ट ब्रांड्स जैसी कंपनियां, जिनकी देनदारियां $10 बिलियन से अधिक हैं, जटिल वित्तीय संरचनाओं को उजागर करती हैं जिनमें PGIM, फ्रैंकलिन टेंपलटन, ब्लैकस्टोन और ओक ट्री जैसे प्रमुख एसेट मैनेजर्स द्वारा बनाए गए कोलैटरलाइज्ड लोन ऑब्लिगेशन्स (CLOs) शामिल हैं। इन साधनों को बैंकों सहित पारंपरिक वित्तीय फर्मों द्वारा वित्त पोषित किया गया था। ऋणों में इनवॉइस फाइनेंसिंग और सप्लाई चेन फाइनेंस (supply chain finance) जैसी प्रथाएं शामिल थीं, और अपर्याप्त उचित परिश्रम (due diligence) और संभावित धोखाधड़ी के आरोपों ने विफलताओं में योगदान दिया।
NDFIs के प्रति बैंकों का एक्सपोजर (exposure) नाटकीय रूप से बढ़ गया है। अमेरिका में, मध्य-अक्टूबर 2025 तक NDFIs को बैंक ऋण $1.3 ट्रिलियन तक पहुँच गया, जिसका एक बड़ा हिस्सा प्राइवेट इक्विटी और व्यावसायिक मध्यस्थों (business intermediaries) की ओर निर्देशित था। विश्व स्तर पर, IMF यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में NBFIs के प्रति महत्वपूर्ण बैंक एक्सपोजर की रिपोर्ट करता है, जो लगभग $4.5 ट्रिलियन है। एलियांज, कोफ़ेस और एआईजी जैसी बीमा कंपनियां भी ट्रेड क्रेडिट बीमा (trade credit insurance) के माध्यम से एक्सपोज्ड हैं।
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने वर्तमान निजी क्रेडिट बूम (private credit boom) और 2008 के सबप्राइम संकट के बीच समानताएं होने की चेतावनी दी है, जो परस्पर संबद्धता (interconnectedness) और व्यापक संचरण (contagion) की संभावना पर जोर देती है।
प्रभाव: इस खबर का वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, जिससे प्रणालीगत जोखिम, संभावित तरलता की कमी (liquidity crunches) और बाजार की बढ़ती अस्थिरता (market volatility) के बारे में चिंताएं बढ़ जाती हैं। पारंपरिक बैंकों और तेजी से बढ़ते NDFI क्षेत्र के बीच की परस्पर संबद्धता वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती है। रेटिंग: 8/10।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.