Garbi Finvest Share Price: 86% गिरा मुनाफा, ऑडिटर की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Garbi Finvest Share Price: 86% गिरा मुनाफा, ऑडिटर की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!
Overview

Garbi Finvest Limited के शेयरधारकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में **86.87%** की भारी गिरावट के साथ **₹0.16 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। रेवेन्यू में भी **40.10%** की बड़ी गिरावट आई है।

Garbi Finvest Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए निराशाजनक वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं।

तिमाही के आंकड़े (Q3 Numbers):
Q3 FY26 के लिए, कुल आय (Total Income) ₹1.12 करोड़ रही, जो पिछले साल की Q3 FY25 के ₹1.86 करोड़ की तुलना में 40.10% की भारी गिरावट है। Profit After Tax (PAT) में 86.87% की जोरदार गिरावट आई और यह ₹1.25 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹0.16 करोड़ रह गया। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (Basic EPS) भी 86.79% गिरकर ₹1.06 से ₹0.14 पर आ गया।

तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो, कुल आय 44.19% घटकर ₹1.12 करोड़ रही। हालांकि, Profit Before Tax (PBT) में 11.49% की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन PAT में 86.44% की बड़ी गिरावट आई।

9 महीनों के नतीजे:
9 महीनों (Nine Months) के लिए, कुल आय 29.57% गिरकर ₹3.00 करोड़ रही। PAT 30.33% गिरकर ₹1.37 करोड़ और बेसिक ईपीएस 29.94% गिरकर ₹1.17 रहा।

वित्तीय सेहत पर सवाल:
मुनाफे में यह भारी गिरावट मार्जिन में कमी या खर्चों में भारी बढ़ोतरी का संकेत देती है। 9M FY26 में 'Impairment on financial instruments' का खर्च ₹1.77 करोड़ रहा। इसके अलावा, 9M FY26 में डेफरड टैक्स चार्ज (deferred tax charge) ₹71.37 करोड़ तक पहुंच गया, जो 9M FY25 के ₹0.35 करोड़ की तुलना में बहुत बड़ा उछाल है। इसने रिपोर्ट किए गए PAT को बुरी तरह प्रभावित किया।

ऑडिटर की बड़ी चेतावनी:
लेकिन इन नतीजों का सबसे चौंकाने वाला पहलू कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (statutory auditors) की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में दी गई चेतावनी है। ऑडिटर ने साफ तौर पर लिखा है: "हम इस बात पर ध्यान दिलाना चाहते हैं कि कंपनी ने सभी लोन खातों पर ब्याज की गणना (interest on all loan accounts) नहीं की है। नतीजतन, हम खातों में दर्ज रेवेन्यू की पूर्णता और सटीकता पर कोई टिप्पणी करने में असमर्थ हैं।"

यह एक गंभीर अकाउंटिंग कमी है जो कंपनी के रिपोर्ट किए गए रेवेन्यू के आंकड़ों और उसकी वित्तीय सेहत पर सीधे सवाल खड़े करती है। ऑडिटर की यह चेतावनी एक बड़ा रेड फ्लैग है, जो कंपनी के गवर्नेंस और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाती है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.