Gameskraft Founders Jailed: ₹250 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का जाल, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gameskraft Founders Jailed: ₹250 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का जाल, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
Overview

ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft के तीन फाउंडर्स को बेंगलुरु में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इन पर **₹250 करोड़** की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। ED का कहना है कि कंपनी ने गलत तरीके से पैसे कमाए और उसे छिपाने के लिए गेमप्ले में हेरफेर और फर्जी खर्चों का इस्तेमाल किया।

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फाउंडर्स गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप

बेंगलुरु की एक अदालत ने Gameskraft के फाउंडर्स - विकास तनेजा, पृथ्वीराज सिंह और दीपक सिंह - को दो हफ्तों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि कंपनी के गेमिंग प्लेटफॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि यूजर्स को धोखा दिया जा सके और आपराधिक आय को छिपाया जा सके। जांच में पता चला है कि कंपनी ने फर्जी खर्चे और नकद लेनदेन के जरिए करीब ₹250 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग किया, जिसका कंपनी के कामकाज और प्रतिष्ठा पर गहरा असर पड़ा है।

धोखा और पैसों की हेराफेरी के दावे

यूजर्स ने कंपनी पर एल्गोरिथम में हेरफेर, अनुचित खेल, कार्ड डुप्लीकेशन और खिलाड़ी मिलीभगत जैसे आरोप लगाए हैं। इन तरीकों के साथ-साथ यूजर्स को जबरन लॉगआउट करने और खातों को ब्लॉक करने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे यूजर्स को भारी नुकसान हुआ। ED का दावा है कि Gameskraft के डायरेक्टर्स और फाउंडर्स ने पूर्व CFO के साथ मिलकर लगभग ₹250 करोड़ की राशि का डायवर्जन किया। यह पैसा कथित तौर पर फ्यूचर्स, ऑप्शंस और म्यूचुअल फंड में निवेश के रूप में छिपाया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2020-21 और 2021-22 में 'सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस' और 'कंसल्टेंसी' के नाम पर ₹100 करोड़ खर्च दिखाए गए, जिससे कंपनी की असली वित्तीय गतिविधियों को छुपाया जा सके।

नियामक जांच और भरोसे पर सवाल

इन कानूनी कार्रवाइयों से Gameskraft कंपनी पर नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धोखाधड़ी और यूजर फ्रॉड के आरोप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, खासकर फाइनेंस और गेमिंग जैसे क्षेत्रों में विश्वास को कम करते हैं। फिलहाल, कर्नाटक हाई कोर्ट में जमानत याचिकाएं और गिरफ्तारियों को चुनौती देने वाली याचिकाएं लंबित हैं, जिससे कंपनी के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। यह स्थिति निवेशकों के भरोसे को हिला सकती है और फिनटेक व ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर आगे भी नियामक ध्यान आकर्षित कर सकती है।

कानूनी लड़ाई और अनिश्चितता का दौर

आरोपी 2 जून, 2026 तक हिरासत में रह सकते हैं, जबकि कानूनी बहस जारी है। ED जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करने की तैयारी में है, जो मजबूत अभियोजन का संकेत देता है। हाई कोर्ट में लंबित याचिकाएं एक लंबी कानूनी लड़ाई का इशारा करती हैं। कानूनी अनिश्चितता और संभावित परिचालन बाधाओं का यह लंबा दौर Gameskraft के भविष्य के व्यावसायिक अवसरों और निवेश जुटाने या यूजर्स को बनाए रखने की क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.