GP Petroleums अपने बिजनेस विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए RevX Special Credit Opportunities Fund II से **₹130 करोड़** जुटाने जा रही है। कंपनी इस फंड को NCD और OCD के जरिए हासिल करेगी, जिसमें **13%** का सालाना कूपन रेट तय किया गया है।
फंड का बंटवारा और शर्तें
कंपनी ने इस ₹130 करोड़ के फंड को दो हिस्सों में बांटा है। इसके तहत ₹30 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए जाएंगे, जिनकी मैच्योरिटी 36 महीने की होगी। वहीं, ₹100 करोड़ के ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) जारी किए जाएंगे, जिनका कार्यकाल 18 महीने का है। इन दोनों ही इंस्ट्रूमेंट्स पर 13% सालाना ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा। साथ ही, अलॉटमेंट पर 1.5% का अतिरिक्त अपफ्रंट कूपन भी दिया जाएगा।
इक्विटी डाइल्यूशन का रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे अहम हिस्सा OCDs का कन्वर्जन फीचर है। इन डिबेंचर्स को ₹62.09 प्रति शेयर की दर पर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। यदि यह विकल्प चुना जाता है, तो मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन का असर दिख सकता है, जिससे शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी।
कंपनी का मजबूत प्रदर्शन
यह फंड जुटाने का फैसला कंपनी के शानदार फाइनेंशियल नतीजों के बाद आया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में GP Petroleums ने 220% की जोरदार बढ़त के साथ ₹20.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि रेवेन्यू में 46% का उछाल देखा गया था।
क्या है चिंता का विषय?
बाजार के जानकारों का मानना है कि 13% का ब्याज दर काफी महंगा है। अगर विस्तार के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स से मिलने वाला रिटर्न इस ब्याज के खर्च से अधिक नहीं रहा, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। 2 अक्टूबर, 2026 तक कंपनी का शेयर ₹62.45 पर ट्रेड कर रहा था।
