GIFT City का बदल रहा है मिजाज: **500** अमीर NRI जुड़े, FCNR डिपॉजिट्स में जोरदार उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
GIFT City का बदल रहा है मिजाज: **500** अमीर NRI जुड़े, FCNR डिपॉजिट्स में जोरदार उछाल

GIFT City में अब बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ ही रईस NRI निवेशकों की एंट्री हो रही है। RBI की डॉलर-रुपया स्वैप विंडो खत्म होने के बाद करीब **500** नए निवेशकों ने FCNR डिपॉजिट्स के जरिए बाजार में कदम रखा है।

बड़े बैंकों का दबदबा

इस पूरी प्रक्रिया में RBI की स्पेशल डॉलर-रुपया स्वैप विंडो ने बड़ी भूमिका निभाई है। 31 अगस्त की डेडलाइन से पहले संस्थागत फंड्स और रिटेल डिपॉजिटर्स ने तेजी से पूंजी का निवेश किया। नतीजा यह रहा कि इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट्स (IBUs) ने $52.82 बिलियन का कर्ज बांटा। इसमें HSBC, ICICI Bank, Bank of Baroda, State Bank of India, और Canara Bank का दबदबा रहा। इन पांच बैंकों ने स्वैप विंडो के तहत हुए कुल लोन डिस्बर्समेंट में लगभग 64% हिस्सेदारी निभाई है।

रिटेल वेल्थ मैनेजमेंट पर नजर

अब तक GIFT City मुख्य रूप से कॉर्पोरेट ट्रेड और संस्थागत फाइनेंस के लिए जाना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। रेगुलेटर्स की कोशिश है कि इन डिपॉजिटर्स को सिर्फ ब्याज लेने वाले ग्राहक के तौर पर न रखकर उन्हें लॉन्ग-टर्म वेल्थ मैनेजमेंट पार्टनर बनाया जाए। लक्ष्य स्पष्ट है—सिंपल डिपॉजिट अकाउंट्स से आगे बढ़कर निवेशकों को जटिल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स मुहैया कराना ताकि रिटेल उपस्थिति को मजबूत किया जा सके।

ग्लोबल पहुंच का विस्तार

दिलचस्प बात यह है कि ये फंड सिर्फ यूके या अमेरिका जैसे पारंपरिक बाजारों से नहीं, बल्कि दुबई, मोजाम्बिक और मैक्सिको जैसे देशों से भी आए हैं। यह डायवर्सिटी गिफ्ट सिटी के ग्लोबल फुटप्रिंट को बढ़ाने में मदद कर रही है। फिलहाल IFSC का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट $193 बिलियन है, जिसे अब आगे बढ़ाने की तैयारी है। अब देखना यह है कि इन FCNR(B) डिपॉजिट्स की मैच्योरिटी के बाद क्या ये निवेशक यहां बने रहते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.