मुंबई में शुरू हुए Global Fintech Fest 2026 का फोकस 'Agentic AI' पर है। अब बैंक और पेमेंट कंपनियां ऐसी तकनीक अपना रही हैं जो इंसानी दखल के बिना फैसले ले सकती है, लेकिन इसके साथ जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
बेसिक टूल्स से आगे बढ़ रही तकनीक
मुंबई में 8 सितंबर से शुरू हुए Global Fintech Fest 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक नया रूप 'Agentic AI' चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब तक हम ऐसी AI तकनीक का उपयोग कर रहे थे जो सिर्फ फ्रॉड पकड़ने या सामान्य सवालों के जवाब देने तक सीमित थी। लेकिन 'Agentic AI' इससे कहीं ज्यादा सक्षम है। ये सिस्टम बिना किसी इंसानी मदद के मल्टी-स्टेप काम कर सकते हैं, जैसे कि लोन एप्लीकेशन प्रोसेस करना या पेमेंट के जटिल फ्लो को शुरू से अंत तक पूरा करना।
बैंकिंग में बदलाव की शुरुआत
देश के बड़े बैंक इस तकनीक को अपने कोर वर्कफ्लो में शामिल कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, HDFC Bank जैसे प्राइवेट सेक्टर बैंक अब ऐसे इंटरनल फ्रेमवर्क तैयार कर रहे हैं, ताकि ये ऑटोनॉमस एजेंट तय सुरक्षा घेरे में रहकर काम कर सकें। कंपनियों का मकसद अपनी ऑपरेटिंग कॉस्ट घटाना और ग्राहकों को तेजी से सर्विस देना है। Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry और Boston Consulting Group की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये सिस्टम क्रेडिट जर्नी को ऑटोमेट करके लोन अप्रूवल को पहले से कहीं अधिक तेज और व्यक्तिगत बना सकते हैं।
ऑटोमेशन के साथ सुरक्षा का रिस्क
कॉन्फ्रेंस में उत्साह के साथ-साथ सावधानी की भी बड़ी चर्चा है। Reserve Bank of India (RBI) ने अपनी जून 2026 की Financial Stability Report में AI-आधारित साइबर हमलों को लेकर चेतावनी जारी की है। चूंकि ये ऑटोनॉमस एजेंट सीधे फाइनेंसियल इकोसिस्टम से जुड़े होंगे, इसलिए एक छोटी सी चूक या साइबर अटैक बड़ा नुकसान पैदा कर सकता है।
इन्वेस्टर्स के लिए सबसे बड़ा चैलेंज यह देखना होगा कि कंपनियां 'Human-in-the-loop' सिस्टम को कैसे लागू करती हैं, ताकि सॉफ्टवेयर खुद काम तो करे, लेकिन अहम फैसलों पर इंसानी कंट्रोल बना रहे। आने वाली तिमाहियों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी कंपनियां सुरक्षा और एफिशिएंसी के बीच सही तालमेल बिठा पाती हैं।
