Fusion Finance माइक्रोफाइनेंस लोन पर अपनी निर्भरता को काफी कम करने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2029 तक अपने माइक्रोफाइनेंस लोन का हिस्सा घटाकर **70%** करना है, जो वर्तमान में **88%** है। इस जोखिम को कम करने के लिए, कंपनी सितंबर 2026 में उच्च-आय वाले उधारकर्ताओं के लिए असुरक्षित व्यक्तिगत लोन (unsecured individual loans) भी शुरू करेगी। यह कदम कंपनी के लिए एक मजबूत तिमाही सुधार के बाद आया है, जिसमें कंपनी ने Q1 FY27 में **₹62.4 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को घाटा हुआ था।
माइक्रोफाइनेंस से हटकर बड़ा कदम
Fusion Finance अपने बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव ला रहा है, जिसके तहत माइक्रोफाइनेंस लोन पर अपनी भारी निर्भरता को कम किया जाएगा। कंपनी ने यह घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2029 तक, कुल संपत्ति का 70% माइक्रोफाइनेंस लोन पोर्टफोलियो होगा, जो वर्तमान के 88% से काफी कम है। यह कदम मुख्य रूप से जोखिम को कम करने के लिए खुदरा ऋण (retail lending) के अन्य क्षेत्रों में प्रवेश करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
नए लोन प्रोडक्ट का आगाज
सितंबर से, कंपनी व्यक्तिगत उधारकर्ताओं के लिए असुरक्षित लोन (unsecured loans) पेश करेगी। यह नया उत्पाद उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से अधिक है। इस सेगमेंट में प्रवेश करके, कंपनी माइक्रोफाइनेंस व्यवसाय से आगे अपने आधार का विस्तार करना चाहती है। यह क्षेत्र अक्सर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक बदलावों के प्रति संवेदनशील होता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी इस बदलाव का समर्थन किया है, क्योंकि RBI ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC-MFIs) के लिए माइक्रोफाइनेंस संपत्ति की न्यूनतम आवश्यकता को 60% तक कम कर दिया है, जिससे कंपनियों को अन्य खुदरा या छोटे व्यावसायिक क्षेत्रों में अधिक पूंजी आवंटित करने की अनुमति मिल गई है।
वित्तीय सेहत में सुधार
यह रणनीतिक बदलाव ऐसे समय में आया है जब कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए, Fusion Finance ने ₹62.4 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (net profit) दर्ज किया है। यह पिछले साल इसी तिमाही में हुए ₹92.25 करोड़ के घाटे की तुलना में एक बड़ा सुधार है। जून 2026 के अंत तक, कंपनी की कुल प्रबंधन के तहत संपत्ति (assets under management) ₹7,702 करोड़ थी, और कंपनी का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक इसे ₹10,000 करोड़ तक पहुंचाना है।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि यह रणनीति व्यवसाय को स्थिर करने का लक्ष्य रखती है, इसमें कुछ निष्पादन जोखिम (execution risks) भी शामिल हैं। असुरक्षित व्यक्तिगत लोन में प्रवेश करने के लिए माइक्रोफाइनेंस की तुलना में अलग क्रेडिट मूल्यांकन कौशल की आवश्यकता होती है, जो पारंपरिक रूप से समूह-आधारित ऋण मॉडल पर निर्भर रहा है। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को कंपनी के पिछले वित्तीय इतिहास पर भी ध्यान देना चाहिए। इसी साल मई में, कंपनी ने कुछ वित्तीय कवनेंट्स (financial covenants) के उल्लंघन की सूचना दी थी, जो उसके ऋण स्थिति और वित्तीय स्वास्थ्य की निगरानी के महत्व को उजागर करता है। उच्च संपत्ति गुणवत्ता बनाए रखना, जो जून तिमाही में 2.51% के सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात पर था, इस नए ऋण क्षेत्र में प्रवेश करते समय एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
निवेशकों के लिए अगली महत्वपूर्ण अपडेट व्यक्तिगत ऋण उत्पाद का प्रारंभिक रोलआउट और कंपनी अपने लाभ मार्जिन को कितनी अच्छी तरह प्रबंधित करती है, यह देखना होगा। जून तिमाही में कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 11.93% रहा था। डिफॉल्ट को कम रखते हुए अपने लोन बुक को बढ़ाने की कंपनी की क्षमता का आकलन इस नई दिशा की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
