Fusion Finance ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी अब अगले तीन सालों में अपने पोर्टफोलियो का **35%** हिस्सा नॉन-माइक्रोफाइनेंस (MSME) लोन से लाने की तैयारी कर रही है। सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी ने **₹86.5 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और इसके AUM में **14%** की ग्रोथ देखी गई है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Fusion Finance अब पारंपरिक माइक्रोफाइनेंस से हटकर अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में अपने कुल कारोबार का 35% हिस्सा नॉन-माइक्रोफाइनेंस उत्पादों, विशेषकर MSME लोन से प्राप्त करना है। इस रणनीतिक बदलाव के तहत, कंपनी के बोर्ड ने MSME लोन की टिकट साइज सीमा को ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया है।
कंपनी अपनी 1,400 शाखाओं के मौजूदा नेटवर्क को ही इंटीग्रेटेड हब के रूप में उपयोग करेगी, जिससे बिना अतिरिक्त खर्च किए कारोबार को स्केल करने में मदद मिलेगी।
Q2 फाइनेंशियल परफॉरमेंस
सितंबर 2026 तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹8,007 करोड़ तक पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर 14% की बढ़त है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है और ग्रॉस NPA गिरकर 1.6% पर आ गया है। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 12.5% दर्ज किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
MSME लोन में प्रवेश करना ग्रोथ के लिए अच्छा है, लेकिन यह कंपनी के लिए नई चुनौतियां भी लेकर आता है। माइक्रोफाइनेंस के मुकाबले बड़े लोन का क्रेडिट रिस्क अलग होता है और अब कंपनी को बेहतर क्रेडिट असेसमेंट पर ध्यान देना होगा। निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या कंपनी बढ़ते लोन साइज के साथ अपनी मौजूदा एसेट क्वालिटी को बनाए रख पाती है या नहीं।
