Fusion Finance ने सितंबर तिमाही में **₹86.48 करोड़** का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को **₹22.14 करोड़** का नुकसान हुआ था। क्रेडिट कॉस्ट में कमी और बेहतर मार्जिन के दम पर शेयर में तेजी देखी जा रही है, हालांकि निवेशकों की नजर अब भी इसके 52-वीक हाई पर टिकी है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Fusion Finance ने एक बड़ी रिकवरी दिखाई है। मार्केट में आई इस सकारात्मक खबर के बाद कंपनी के शेयर ₹153.50 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार इसका मुख्य कारण रहा है। लेंडर की क्रेडिट कॉस्ट सालाना आधार पर 65% घटकर ₹39 करोड़ रह गई है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी बोर्रोइंग कॉस्ट को घटाकर 9.4% कर लिया है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन 12.5% पर पहुंच गया है।
ग्रोथ और नई रणनीति
कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 14% बढ़कर ₹8,007 करोड़ हो गया है, जबकि लोन डिस्बर्समेंट में 33% का उछाल दर्ज किया गया। बोर्ड ने अब MSME लोन का टिकट साइज बढ़ाकर ₹50 लाख करने का फैसला किया है, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
सतर्कता क्यों जरूरी?
हालांकि नतीजे बेहतर हैं, लेकिन शेयर अभी भी अपने 52-वीक हाई ₹243 से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में एसेट क्वालिटी को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं। साथ ही, प्रमोटर होल्डिंग में आई कमी और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) को 1.6% के स्तर पर बनाए रखना कंपनी के मैनेजमेंट के लिए आने वाली तिमाहियों में सबसे बड़ी चुनौती होगी।
