भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में टैलेंट का बड़ा खेल देखने को मिल रहा है। ICICI Prudential AMC के सीनियर फंड मैनेजर, Ihab Dalwai, अब HDFC AMC का हिस्सा बन गए हैं। Dalwai, HDFC AMC में नई स्पेशलाइज्ड फंड स्ट्रेटेजी का नेतृत्व करेंगे।
Detailed Coverage
फंड मैनेजर का बड़ा फेरबदल
Ihab Dalwai, जो 15 साल से ज़्यादा समय से ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) का हिस्सा थे, अब कॉम्पटीटर HDFC AMC के साथ जुड़ गए हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) Dalwai, 2011 में ICICI Prudential से एक इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट के तौर पर जुड़े थे और 2017 में फंड मैनेजर बने। HDFC AMC में उनकी नई भूमिका स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स को डेवलप करने और मैनेज करने पर केंद्रित होगी। भारतीय फंड हाउसेज के बीच इस सेगमेंट में कॉम्पिटिशन काफी बढ़ गया है।
ICICI Prudential फंड मैनेजमेंट पर असर
Dalwai का जाना ICICI Prudential AMC में इन्वेस्टमेंट टीम के रीस्ट्रक्चरिंग के साथ हो रहा है। इस बदलाव के मद्देनज़र, कंपनी ने पहले ही कई अहम स्कीम्स की मैनेजमेंट ज़िम्मेदारी बदली है। Antariksha Banerjee अब ICICI Prudential Balanced Advantage Fund और Multi-Asset Fund को देखेंगे, जबकि Lalit Kumar और Sanket Gaidhani क्रमशः Large & Mid Cap Fund और Infrastructure Fund की कमान संभालेंगे। Dalwai पहले iSIF Active Asset Allocator Long-Short Fund समेत कई पोर्टफोलियोज़ को मैनेज करते थे।
इंडस्ट्री में टैलेंट की शिफ्टिंग
पिछले छह महीनों में ICICI Prudential AMC के लीडरशिप टीम से यह दूसरा बड़ा एग्जिट है। इसी साल की शुरुआत में, Anish Tawakley, जो इक्विटी के को-चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर थे, DSP Mutual Fund में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर बनकर चले गए थे। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में ऐसे बड़े एग्जिट्स अक्सर टैलेंट के लिए हो रही कॉम्पिटिटिव बिडिंग को दर्शाते हैं, क्योंकि फंड हाउसेज स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट्स को मजबूत कर भारतीय रिटेल इन्वेस्टर्स के बड़े बेस पर कब्ज़ा करना चाहते हैं।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
जिन ICICI Prudential स्कीम्स में Dalwai फंड मैनेजर थे, उनके निवेशकों के लिए यह ज़रूरी है कि वे फंड मैनेजमेंट के बदले स्टाइल और लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस पर नज़र रखें। जब लीड मैनेजर बदलता है, तो नया मैनेजर अक्सर स्टॉक सिलेक्शन और सेक्टर एक्सपोजर के लिए अलग अप्रोच लाता है, जिससे फंड के रिस्क-रिटर्न प्रोफाइल में बदलाव आ सकता है। निवेशक इन स्कीम्स के फैक्टशीट्स और परफॉरमेंस रिपोर्ट्स पर बारीकी से नज़र रख सकते हैं ताकि नए मैनेजर्स द्वारा पोर्टफोलियो होल्डिंग्स या एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी में किए गए बड़े बदलावों को मॉनिटर कर सकें। वहीं, HDFC AMC की नई स्पेशलाइज्ड फंड्स को सफलतापूर्वक लॉन्च और मैनेज करने की क्षमता, उनकी नई इन्वेस्टमेंट टीम की स्ट्रैटेजिक इम्प्लीमेंटेशन और टारगेटेड एसेट क्लासेस के मार्केट कंडीशंस पर निर्भर करेगी।
