Fintech Stocks: UPI MDR के नियमों में देरी की आहट से टूटे शेयर, निवेशकों की बढ़ी चिंता

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AuthorMehul Desai|Published at:
Fintech Stocks: UPI MDR के नियमों में देरी की आहट से टूटे शेयर, निवेशकों की बढ़ी चिंता

UPI MDR के लागू होने पर छाई अनिश्चितता के चलते Fintech सेक्टर के शेयरों में दबाव देखा गया है। बाजार इस बात का इंतजार कर रहा है कि क्या **15 अक्टूबर** की डेडलाइन को **जनवरी 2027** तक बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कंपनियों की संभावित कमाई पर असर पड़ सकता है।

बाजार में क्यों मचा हड़कंप?

8 अक्टूबर 2026 को भारतीय फिनटेक मार्केट में भारी बिकवाली का माहौल रहा। One 97 Communications (Paytm) और One MobiKwik Systems जैसे दिग्गजों के शेयरों में सुबह के ट्रेड में काफी गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह यह है कि जो नया फीस स्ट्रक्चर 15 अक्टूबर से लागू होना था, उसके जनवरी 2027 तक टलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या है पूरा गणित?

प्रस्तावित MDR फ्रेमवर्क के तहत, ₹2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% का शुल्क लगाने की योजना थी। फिनटेक कंपनियों के लिए यह एक बड़े रेवेन्यू सोर्स की तरह देखा जा रहा था। निवेशकों को उम्मीद थी कि इस नई व्यवस्था से कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होगा, लेकिन अब इस देरी की संभावना ने सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है।

इंडस्ट्री की मांग और NPCI का रुख

इंडस्ट्री बॉडीज और रिटेल ट्रेडर्स का कहना है कि त्योहारों के सीजन में मर्चेंट्स पर एक्स्ट्रा बोझ डालना सही नहीं है। उन्होंने National Payments Corporation of India (NPCI) से टेक्निकल तैयारी और अन्य चुनौतियों का हवाला देते हुए इसे जनवरी 2027 तक टालने की अपील की है।

आगे क्या?

फिलहाल NPCI और वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) इन अनुरोधों पर विचार कर रहे हैं। मार्केट के जानकारों का मानना है कि अनिश्चितता ही निवेशकों का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार पुरानी डेडलाइन पर कायम रहती है या मर्चेंट्स की मांग मानकर इसे आगे खिसकाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.