Fino Payments Bank Share Price: CEO की करोड़ों की सैलरी और 3 साल का एक्सटेंशन! शेयरधारकों की मुहर जरूरी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Fino Payments Bank Share Price: CEO की करोड़ों की सैलरी और 3 साल का एक्सटेंशन! शेयरधारकों की मुहर जरूरी
Overview

Fino Payments Bank अपने MD & CEO, ऋषि गुप्ता, के लिए दो अहम फैसलों पर शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है। इसमें **₹5.70 करोड़** के सालाना वेतन को हरी झंडी देना और उन्हें अगले **3 साल** के लिए फिर से नियुक्त करना शामिल है। यह कदम स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलाव की तैयारी कर रही बैंक के लिए नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

Fino Payments Bank ने अपने शेयरधारकों से दो अहम प्रस्तावों पर मंजूरी मांगी है। ये प्रस्ताव बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ऋषि गुप्ता के वेतन और उनके कार्यकाल को लेकर हैं।

पहला प्रस्ताव वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ऋषि गुप्ता के रेमुनरेशन (वेतन) पैकेज को मंजूरी देने से जुड़ा है, जिसकी कुल राशि ₹5.70 करोड़ है। इस पैकेज में ₹2.44 करोड़ फिक्स्ड पे (निश्चित वेतन) और ₹3.26 करोड़ वेरिएबल पे (प्रदर्शन-आधारित वेतन) शामिल है।

दूसरा प्रस्ताव, ऋषि गुप्ता को 2 मई 2026 से अगले 3 साल (यानी 1 मई 2029 तक) के लिए MD & CEO के पद पर फिर से नियुक्त करने का है। इस पुनर्नियुक्ति के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और शेयरधारकों, दोनों की मंजूरी आवश्यक होगी। शेयरधारक 28 फरवरी 2026 से 29 मार्च 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के जरिए अपना मत दे सकते हैं।

यह कदम Fino Payments Bank के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैंक पेमेंट बैंक से स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने की बड़ी तैयारी कर रही है। ऐसे में, ऋषि गुप्ता जैसे अनुभवी नेतृत्व का बना रहना, बैंक के स्मूथ ट्रांजिशन (सुचारू परिवर्तन) के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। गुप्ता, Fino ग्रुप के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और उन्होंने बैंक के बिजनेस मॉडल, गवर्नेंस और कंप्लायंस कल्चर को बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

5 दिसंबर 2025 को RBI से स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने के लिए 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी मिलने के बाद, Fino Payments Bank अब इस बड़े रणनीतिक बदलाव को अगले 12-18 महीनों में पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। SFB बनने पर Fino लोन देने और बड़ी मात्रा में डिपॉजिट स्वीकार करने जैसी सेवाएं भी शुरू कर पाएगी।

शेयरधारकों द्वारा इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से मौजूदा मैनेजमेंट और उनकी SFB रूपांतरण रणनीति में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं जिन पर नजर रखनी होगी। शेयरधारकों द्वारा प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया जाना नेतृत्व और रणनीति में अनिश्चितता पैदा कर सकता है। साथ ही, SFB रूपांतरण के लिए टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में जारी निवेश के कारण उच्च परिचालन लागत (operating costs) मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। Fino Payments Bank अतीत में RBI और FIU-IND से मिले जुर्माने (जैसे जून 2025 में ₹29.6 लाख और जनवरी 2024 में ₹5 लाख) जैसी नियामक अनुपालन संबंधी चुनौतियों का सामना भी कर चुकी है।

Fino Payments Bank, Airtel Payments Bank और India Post Payments Bank जैसे अन्य पेमेंट बैंकों के बीच अपनी जगह बनाती है, और SFB बनने के बाद AU Small Finance Bank और Ujjivan Small Finance Bank जैसे बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा में उतरेगी। Fino का पहला पेमेंट बैंक होना जो SFB में बदलने की राह पर है, इसे इस क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान देता है।

आगे निवेशकों को वोटिंग के नतीजों, SFB रूपांतरण की प्रगति और भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

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