Fino Payments Bank ने सितंबर 2026 तिमाही में **₹20.9 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। अन्य आय में **24%** की गिरावट के कारण कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई है, हालांकि लोन सेगमेंट में कंपनी ने मजबूत रफ्तार दिखाई है।
Fino Payments Bank ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए ₹20.9 करोड़ के नेट लॉस की घोषणा की है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने ₹15.4 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। मुनाफे में इस कमी का मुख्य कारण अन्य आय में 24% की सालाना गिरावट रही, जो गिरकर ₹259 करोड़ पर आ गई, जबकि पिछले साल यह ₹340 करोड़ थी।
कोर बैंकिंग और डिपॉजिट में दम
मुनाफे पर दबाव के बावजूद बैंक का कोर बैंकिंग कामकाज बेहतर हुआ है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 20% बढ़कर ₹39 करोड़ पहुंच गई है। वहीं, कस्टमर डिपॉजिट बेस भी 10% की ग्रोथ के साथ ₹2,299 करोड़ हो गया है। इसके अलावा बैंक की इन्वेस्टमेंट एक्टिविटी में 65% का बड़ा उछाल देखने को मिला और पोर्टफोलियो ₹3,925 करोड़ पर पहुंच गया।
लोन कारोबार में तूफानी रफ्तार
बैंक का रेफरल लोन बिजनेस सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बनकर उभरा है। इस सेगमेंट में 286% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और लोन का आंकड़ा ₹762 करोड़ रहा। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कुल लोन डिस्बर्सल ₹1,390 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो पिछले पूरे साल के आंकड़े से भी ज्यादा है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने का सफर
फिलहाल बैंक का पूरा ध्यान स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने पर है। इस बड़े बदलाव के लिए बैंक टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेंस पर काफी खर्च कर रहा है। इसके साथ ही बैंक MSME बैंकिंग और क्रेडिट रिस्क जैसे विभागों में नए अनुभवी नेतृत्व को भी जोड़ रहा है।
कैश फ्लो को मैनेज करने के लिए बैंक ने अपने ऑपरेशनल और एम्प्लॉई खर्चों में 9% की कटौती की है और इन्हें घटाकर ₹319 करोड़ पर लाया गया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि बैंक बढ़ते खर्चों और लोन ग्रोथ के बीच कैसा संतुलन बनाता है।
