Fino Payments Bank ने जून 2026 के लिए अपने लोन रेफरल में **253%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹240 करोड़** तक पहुंच गया है। साथ ही, नए अकाउंट ओपनिंग में **31%** की वृद्धि देखी गई है। बैंक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, भले ही UPI के बढ़ते चलन के कारण ट्रांजैक्शन में थोड़ी नरमी आई है।
लोन रेफरल में आया तूफानी उछाल
Fino Payments Bank लिमिटेड ने जून 2026 के लिए अपने बिजनेस मिक्स में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव दिखाया है। बैंक के लोन रेफरल ऑपरेशन में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। इस महीने बैंक ने ₹240 करोड़ के लोन बांटे, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹68 करोड़ से 253% ज्यादा है। लोन रेफरल में यह आक्रामक बढ़ोतरी बैंक की एक अहम स्ट्रेटेजिक चाल है, क्योंकि वह स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) में बदलने की तैयारी कर रहा है और अपने मौजूदा कस्टमर बेस को क्रेडिट सर्विसेज के जरिए मोनेटाइज करना चाहता है।
कस्टमर बेस और डिजिटल ट्रेंड्स
बैंक की पहुंच लगातार बढ़ रही है। जून 2026 में 3.13 लाख नए अकाउंट खोले गए, जो जून 2025 के 2.39 लाख अकाउंट की तुलना में 31% अधिक है। इससे कुल अकाउंट की संख्या बढ़कर 1.8 करोड़ हो गई है। नए कस्टमर्स के साथ-साथ मौजूदा कस्टमर्स भी बैंक के डिजिटल चैनल्स का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। डिजिटली एक्टिव कस्टमर्स में 22% की सालाना वृद्धि के साथ यह संख्या 64.7 लाख हो गई है, जबकि FinoPay मोबाइल ऐप के एक्टिव यूजर्स 38% बढ़कर 8.4 लाख तक पहुंच गए हैं। कुल डिपॉजिट में भी 11% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,755 करोड़ पर पहुंच गया।
ट्रांजैक्शन बिजनेस और रेगुलेटरी माहौल
जहां बैंक के डिजिटल और लेंडिंग सेगमेंट तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं इसके पारंपरिक ट्रांजैक्शन बिजनेस (जैसे रेमिटेंस और माइक्रो-ATM विड्रॉल) में कुछ बदलाव आया है। जून 2026 में ट्रांजैक्शन थ्रूपुट घटकर ₹2,830 करोड़ रह गया, जो जून 2025 में ₹4,373 करोड़ था। बैंक का कहना है कि यह गिरावट इंडस्ट्री में UPI के बढ़ते इस्तेमाल और हाई-क्वालिटी मर्चेंट्स पर फोकस करने की स्ट्रेटेजी के कारण है। हालांकि, बैंक ने यह भी बताया है कि इस गिरावट की रफ्तार अब धीमी पड़ रही है।
यह परफॉर्मेंस अपडेट ऐसे समय में आया है जब बैंक रेगुलेटरी जांच का सामना कर रहा है। मार्च 2026 में, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) कुछ मर्चेंट्स और प्रोग्राम मैनेजर्स से जुड़े ट्रांजैक्शन्स की जांच कर रहा था। Fino Payments Bank ने स्पष्ट किया है कि वह DGGI की थर्ड-पार्टी एंटिटीज की जांच से परे किसी जांच के दायरे में नहीं है। बैंक का कहना है कि वह ऑनलाइन गेमिंग या सट्टेबाजी की गतिविधियों में शामिल नहीं है और GST नियमों का पालन कर रहा है।
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या बैंक पारंपरिक ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में आई नरमी को अपने बढ़ते लोन रेफरल और डिजिटल सर्विस सेगमेंट से होने वाली ज्यादा कमाई से पूरा कर पाता है या नहीं। स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंस के लिए बैंक के आवेदन की प्रगति और परिचालन संबंधी आवश्यकताएं भविष्य के अपडेट्स के लिए मुख्य फोकस रहेंगी।
