वित्त मंत्रालय ने 6 अक्टूबर, 2026 को सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य PMJDY और Mudra जैसी सरकारी योजनाओं की प्रोग्रेस का जायजा लेना है।
वित्त मंत्रालय की ओर से बुलाई गई इस बैठक की अध्यक्षता फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी संजय लोहिया करेंगे। इस चर्चा का केंद्र सरकार की मुख्य फाइनेंशियल इंक्लूजन पहल का इम्पलीमेंटेशन स्टेटस होगा, जो कि सामाजिक बैंकिंग एजेंडे का एक अनिवार्य हिस्सा है।
किन योजनाओं पर होगी चर्चा?
बैठक में प्रमुख रूप से Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana (PMJDY), Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY), और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स जैसे Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana और Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana पर मंथन किया जाएगा। मार्च 2026 तक RBI का फाइनेंशियल इंक्लूजन इंडेक्स 70.0 के स्तर पर पहुंच गया है, जो बैंकिंग पहुंच में सुधार को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
मार्केट एनालिस्ट्स इस बैठक को बहुत करीब से देख रहे हैं क्योंकि ये सरकारी स्कीमें बैंकों की ऑपरेशनल लागत और क्रेडिट डिलीवरी स्ट्रेटेजी पर सीधा असर डालती हैं। छोटे बैलेंस वाले अकाउंट्स को मैनेज करने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक निगरानी की लागत बैंकों के फाइनेंशियल हेल्थ पर प्रभाव डालती है।
खासकर Mudra लोन जैसे अनसिक्योर्ड क्रेडिट स्कीमों की एसेट क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि ये लोन छोटे उद्यमियों के लिए काफी मददगार हैं, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट के लिहाज से बैंकों को सतर्क रहना होगा। इस समीक्षा के नतीजों से यह संकेत मिल सकता है कि भविष्य में माइक्रो-एंटरप्राइज क्रेडिट ग्रोथ और बैंकों की लैंडिंग स्ट्रेटेजी किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
