Fibe (Social Worth Technologies) ने NPCI की मंजूरी के बाद अपनी UPI सर्विस लॉन्च कर दी है। अब यूजर बैंक अकाउंट और क्रेडिट लाइन के जरिए सीधे ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। यह कदम कंपनी के आने वाले ₹750 करोड़ के IPO से पहले एक बड़ी रणनीति माना जा रहा है।
पेमेंट सेक्टर में Fibe की दस्तक
पुणे स्थित फिनटेक कंपनी Fibe (जिसे पहले Social Worth Technologies के नाम से जाना जाता था) अब पेमेंट सेक्टर में उतर गई है। कंपनी को National Payments Corporation of India (NPCI) से Third-Party Application Provider (TPAP) के तौर पर काम करने की मंजूरी मिल गई है। अब यूजर्स सीधे Fibe ऐप से UPI ट्रांजैक्शन, बैंक अकाउंट और RuPay क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। सबसे खास बात है 'क्रेडिट ऑन UPI' की सुविधा, जो यूजर्स को अपनी प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन से भुगतान करने की ताकत देगी।
IPO की तैयारी और फाइनेंशियल सेहत
यह बदलाव कंपनी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह ₹750 करोड़ के IPO की तैयारी कर रही है। SEBI ने 15 सितंबर, 2026 को इसके IPO के लिए अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इस पब्लिक इश्यू में ₹750 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, साथ ही मौजूदा निवेशक 4 करोड़ से ज्यादा शेयरों की बिक्री (OFS) करेंगे। कंपनी की ग्रोथ की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2026 में Fibe का AUM ₹8,603 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹257 करोड़ रहा है।
कड़ी चुनौती और रिस्क फैक्टर
पेमेंट मार्केट में उतरना Fibe के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि यहाँ PhonePe, Google Pay और Paytm जैसी दिग्गज कंपनियों का दबदबा है। हालांकि, Fibe का लक्ष्य अपने मौजूदा उधारकर्ताओं (borrowers) को डेली ऐप यूजर्स में बदलना है। लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि कंपनी का मुख्य रेवेन्यू अभी भी लेंडिंग से ही आता है। ऐसे में अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में डिफॉल्ट का जोखिम और पेमेंट सेक्टर के रेगुलेटरी नियम कंपनी की भविष्य की चाल तय करेंगे।
