Federal Bank के Q2 FY27 नतीजों में कोर प्री-प्रोविजन प्रॉफिट में **30%** की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। गोल्ड लोन और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की बदौलत बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा है, हालांकि टेक्नोलॉजी और नेटवर्क विस्तार के चलते ऑपरेटिंग खर्च अभी भी ऊंचे बने हुए हैं।
सितंबर 2026 तिमाही में Federal Bank ने प्रतिस्पर्धा के बावजूद अपना दबदबा बनाए रखा है। बैंक के एडवांसेज (Advances) में साल-दर-साल 21.9% और डिपॉजिट्स (Deposits) में 18.6% की ग्रोथ देखी गई है। खास बात यह है कि बैंक का बुनियादी कारोबार 18% की दर से आगे बढ़ रहा है।\n\n### ट्रेजरी का सहारा और कोर परफॉर्मेंस\n\nबैंक के मुनाफे को ट्रेजरी गेन्स का अच्छा साथ मिला, जो पिछले साल के ₹113 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹238 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए राहत की बात यह है कि बैंक का प्री-प्रोविजन प्रॉफिट 30% बढ़ा है। बैंक का पूरा फोकस गोल्ड लोन और कमर्शियल व्हीकल फाइनेंसिंग जैसे हाई-यिल्ड सेगमेंट पर है, जो बैंक को बेहतर मार्जिन दिलाने में मदद कर रहे हैं।\n\n### एसेट क्वालिटी और ऑपरेशनल खर्च\n\nबैंक की एसेट क्वालिटी अब भी काफी स्टेबल है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 1.32% और नेट एनपीए (Net NPA) महज 0.17% पर है। क्रेडिट कॉस्ट भी 10 बेसिस पॉइंट्स घटकर 0.31% रह गई है। हालांकि, टेक्नोलॉजी और ब्रांच नेटवर्क के विस्तार के कारण बैंक का खर्च बढ़ा है और कॉस्ट-टू-एसेट रेशियो 2.3% पर है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि वे फिलहाल खर्चों में कटौती नहीं करेंगे, क्योंकि उनका लक्ष्य लॉन्ग-टर्म ग्रोथ है।\n\n### भविष्य की राह\n\nबैंक का करीब 50% लोन बुक रेपो रेट से लिंक है, जिसका फायदा आने वाले समय में मिल सकता है। मैनेजमेंट ने मिड-टीन्स (mid-teens) की ग्रोथ गाइडेंस बरकरार रखी है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बैंक हर तिमाही 3 से 4 बेसिस पॉइंट्स का ROA सुधार कर पाता है या नहीं, क्योंकि वर्तमान में शेयर अपने ऐतिहासिक वैल्युएशन से प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
