Federal Bank ने नए वित्त वर्ष की शानदार शुरुआत की है। बैंक ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में **36.5%** की जोरदार बढ़ोतरी के साथ **₹1,177 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह वृद्धि ऊंचे ब्याज आय (Interest Income) और बेहतर एसेट क्वालिटी (Asset Quality) के दम पर आई है। इसके साथ ही, बैंक भविष्य की ग्रोथ के लिए **₹10,000 करोड़** जुटाने की योजना पर भी आगे बढ़ रहा है।
कमाई में आई बम्पर तेजी
Federal Bank के नतीजों ने बाजार को खुश कर दिया है। जून 2026 की तिमाही में बैंक ने ₹1,177 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹862 करोड़ के मुकाबले 36.5% ज्यादा है। इस कमाल की ग्रोथ की मुख्य वजह बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 26% का इजाफा है, जो बढ़कर ₹2,946 करोड़ हो गई। वहीं, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) में भी सुधार देखा गया, जो पिछले साल के 2.94% से बढ़कर 3.33% पर पहुंच गया।
NPA में बड़ी गिरावट, प्रावधानों (Provisions) में कमी
मुनाफे में इस उछाल का एक और बड़ा कारण बैंक के लोन लॉस प्रोविजन्स (Loan Loss Provisions) में आई 28% की कमी है, जो घटकर ₹274 करोड़ रह गए। यह बैंक की लोन बुक की हेल्थ में सुधार का संकेत है। बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) भी काफी मजबूत हुई है, जिसमें नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Net NPA) 0.18% पर आ गए, जो पिछले साल 0.48% थे। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPA) भी 1.52% पर आ गए, जबकि पिछले साल ये 1.91% थे। ये आंकड़े बताते हैं कि रिटेल और कॉर्पोरेट सेगमेंट में रिकवरी बेहतर हुई है।
₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी
अपने विस्तार की योजनाओं को पंख देने के लिए, बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10,000 करोड़ तक की राशि डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt Instruments) के जरिए जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पैसा प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए भारतीय या विदेशी करेंसी में जुटाया जा सकता है। बैंक के MD & CEO, KVS Manian, अपनी इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट (International Banking Unit) का फायदा उठाकर फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स को बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं। बैंक मिडिल ईस्ट, सिंगापुर और हांगकांग जैसे क्षेत्रों में नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs) को टारगेट कर रहा है ताकि अपनी डिपॉजिट बेस को मजबूत किया जा सके, जो फिलहाल ₹3.20 लाख करोड़ से ज्यादा है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
जहां बैंक के मुख्य बिजनेस ने शानदार ग्रोथ दिखाई, वहीं ट्रेजरी इनकम (Treasury Income) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह वोलैटिलिटी (Volatility) निवेशकों के लिए एक अहम फैक्टर है, क्योंकि इंटरेस्ट रेट साइकल (Interest Rate Cycle) बदलने पर यह कुल मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, CASA (करंट और सेविंग अकाउंट) रेशियो में सुधर के साथ यह 32.23% पर पहुंच गया है, जो दिखाता है कि बैंक फंड की लागत को प्रभावी ढंग से मैनेज कर रहा है। आगे चलकर, बैंक की इंटरनेशनल डिपॉजिट स्ट्रैटेजी कितनी सफल होती है और ₹10,000 करोड़ के डेट इश्यू का टाइमिंग क्या होता है, यह बैंकिंग सेक्टर में लिक्विडिटी और क्रेडिट ग्रोथ को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
