कर्नाटक हाई कोर्ट ने Federal Bank को एक बड़ी राहत के बजाय ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए गलती से ट्रांसफर हुए **₹3.25 लाख** वापस करने का आदेश दिया है। यह विवाद एक गलत अकाउंट नंबर के कारण पैदा हुआ था, जिस पर अब कोर्ट की मुहर लग गई है।
विवाद की जड़ क्या है?
यह मामला दिसंबर 2025 का है, जब नुजैबा जलील नाम की एक ग्राहक ने गलती से अकाउंट नंबर के आखिरी 4 डिजिट गलत दर्ज कर दिए थे। नतीजा यह हुआ कि ₹3.25 लाख की राशि एक ऐसे अकाउंट में चली गई जो 'डॉर्मेंट' (dormant) यानी निष्क्रिय था। बैंक का कहना था कि वे अकाउंट होल्डर की सहमति के बिना पैसा वापस नहीं कर सकते, लेकिन अब कोर्ट ने बैंक को 3 दिनों के भीतर यह पैसा वापस करने का निर्देश दिया है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
भले ही यह रकम बैंक के बड़े बैलेंस शीट के हिसाब से छोटी हो, लेकिन यह डिजिटल बैंकिंग में 'ऑपरेशनल रिस्क' की चुनौतियों को दर्शाती है। बैंक का शेयर फिलहाल ₹340.35 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसमें हाल ही में 1.18% की गिरावट देखी गई है। बैंक का ग्रॉस NPA 1.52% और नेट NPA 0.18% पर स्थिर बना हुआ है, जो इसके मजबूत एसेट क्वालिटी को दर्शाता है।
आगे क्या है बड़ा अपडेट?
निवेशकों की नजर अब 17 सितंबर, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर है। बैंक इस मीटिंग में $500 मिलियन के मीडियम-टर्म नोट प्रोग्राम पर चर्चा करेगा। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला बैंक की फंडिंग स्ट्रैटेजी और आने वाले क्वार्टर्स में कैपिटल की लागत तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
