Federal Bank के शेयरों ने आज 52-हफ्ते का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ है! Q1FY27 में बैंक के नेट प्रॉफिट में **36.57%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो कि **₹1,176.93 करोड़** रहा। मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम और बेहतर एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स इस तेजी के पीछे की बड़ी वजह हैं।
तिमाही नतीजों ने मचाया धमाल!
नई दिल्ली: Federal Bank के शेयरों में आज जोरदार तेजी देखने को मिली, जो दिन के कारोबार में 7.35% चढ़कर ₹351 के अपने 52-हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गए। यह उछाल बैंक द्वारा जारी किए गए Q1FY27 के शानदार नतीजों के बाद आया है। निजी क्षेत्र के इस लेंडर ने अपने मुख्य बैंकिंग ऑपरेशन्स में दमदार ग्रोथ दर्ज की है।
₹1,176.93 करोड़ का नेट प्रॉफिट!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने इस तिमाही में ₹1,176.93 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 36.57% ज़्यादा है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 26% का इयर-ऑन-इयर (Year-on-Year) उछाल रहा, जो बढ़कर ₹2,945.89 करोड़ हो गया। बैंक की नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) में भी सुधार देखा गया, जो बढ़कर 3.33% हो गया। यह 39 bps (Basis Points) की बढ़ोतरी बैंक द्वारा अपने फंड की लागत को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने का नतीजा है।
एसेट क्वालिटी में सुधार और डिपॉजिट ग्रोथ
बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) भी खासी मजबूत हुई है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेशियो सुधरकर 1.52% हो गया, जबकि नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NNPA) रेशियो घटकर 0.18% पर आ गया, जिसे बैंक ने एक दशक का सबसे निचला स्तर बताया है। साथ ही, नए फंसे कर्जों (Slippages) की मात्रा पिछले साल की तुलना में 37.79% घटकर ₹409.48 करोड़ रह गई।
डिपॉजिट (Deposit) मिक्स में भी अहम बदलाव देखे गए। करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट में 18.26% की ग्रोथ हुई, जो कुल डिपॉजिट ग्रोथ 11.37% से कहीं ज़्यादा है। निवेशकों के लिए, कम लागत वाले डिपॉजिट को कुल डिपॉजिट से तेज़ी से बढ़ाना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि यह बैंक को ब्याज लागत को प्रबंधित करने और लाभ मार्जिन को सपोर्ट करने में मदद करता है।
सेक्टर का प्रदर्शन और बाज़ार में Federal Bank
Federal Bank ने इस साल अब तक 31% का अच्छा रिटर्न दिया है, जो BSE Sensex के 8% के गिरावट के मुकाबले काफी बेहतर है। पिछले दो सालों में, स्टॉक में 78% का इजाफा हुआ है। हालांकि, निवेशकों की नज़रें कुछ संभावित जोखिमों पर भी हैं, जैसे कि अगर डिपॉजिट लागत बढ़ती है या मैक्रो-इकोनॉमिक (Macro-economic) कारणों से क्रेडिट ग्रोथ (Credit Growth) धीमी हो जाती है। मार्च 2026 तिमाही के अनुसार, दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला की इस लेंडर में 2.42% हिस्सेदारी थी; जून तिमाही के लिए शेयरधारिता पैटर्न का इंतज़ार है।
आगे चलकर, निवेशकों के लिए सबसे अहम पहलू इन मार्जिन की स्थिरता और बैंक की खराब लोन को कम रखते हुए अपने लोन बुक का विस्तार करने की क्षमता होगी। भविष्य के अपडेट्स में मैनेजमेंट की लोन की मांग, क्रेडिट कॉस्ट ट्रेंड्स और संभावित ब्याज दर में उतार-चढ़ाव से निपटने की बैंक की रणनीति पर चर्चा शामिल होगी।
