Federal Bank के लिए एक बड़ी खबर आई है। देश के इस प्राइवेट बैंक को पहली बार S&P ग्लोबल रेटिंग्स से BBB-/Stable की इनवेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग मिली है। इस उपलब्धि से बैंक की ग्लोबल पहचान बढ़ेगी और फंड जुटाने के नए रास्ते खुल सकते हैं।
S&P की रेटिंग से Federal Bank की साख बढ़ी
Federal Bank के शेयर में आज 1% से ज्यादा की तेजी देखी गई। इसकी वजह बैंक को मिली पहली इनवेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने बैंक को लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग में BBB-/Stable और शॉर्ट-टर्म रेटिंग में A-3 का दर्जा दिया है।
यह रेटिंग बैंक के लिए काफी अहम है, क्योंकि इससे इंटरनेशनल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और ग्लोबल इन्वेस्टर्स के बीच इसकी पहचान बढ़ेगी। बैंकिंग सेक्टर में, किसी बड़ी ग्लोबल एजेंसी से इनवेस्टमेंट-ग्रेड रेटिंग मिलना फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और बेहतर रिस्क मैनेजमेंट का संकेत माना जाता है। Federal Bank के लिए यह रेटिंग उसके लगातार अच्छे फाइनेंशियल परफॉरमेंस और मजबूत कैपिटल पोजीशन की पुष्टि करती है।
बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, KVS Manian ने कहा कि यह रेटिंग बैंक के अनुशासित बिजनेस मॉडल, मजबूत गवर्नेंस और बेहतरीन रिस्क मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज का नतीजा है। इस रेटिंग से सिर्फ बैंक की रेपुटेशन ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि विदेश से फंड जुटाने या बड़े इंटरनेशनल ट्रांजैक्शंस करने में भी आसानी होगी। इससे बैंक को बड़ी मात्रा में कैपिटल मिलने और शायद कम ब्याज दर पर फंड मिलने की उम्मीद है।
आगे की रणनीति और निवेशकों के लिए मायने
Federal Bank का फोकस हमेशा से रिटेल और SME सेगमेंट पर रहा है, जिसने बैंक के प्रॉफिट मार्जिन और एसेट क्वालिटी को सपोर्ट किया है। बैंक अपनी क्रेडिट ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए फंड जुटाने के स्रोतों में विविधता लाने पर काम कर रहा है। इस इनवेस्टमेंट-ग्रेड स्टेटस से बैंक के लिए फॉरेन करेंसी फंडिंग मार्केट्स तक पहुंचना या उन ग्लोबल संस्थानों के साथ पार्टनरशिप करना आसान हो सकता है, जिनके लिए काउंटरपार्टी की एक मिनिमम क्रेडिट रेटिंग होना जरूरी है।
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि इस रेटिंग से बैंक के फंड की लागत (Cost of Funds) कितनी कम होती है। हालांकि यह एक पॉजिटिव कदम है, लेकिन इसका असली फायदा बैंक की भविष्य में इंटरनेशनल बॉरोइंग की जरूरत और ग्लोबल मार्केट्स में चल रही ब्याज दरों पर निर्भर करेगा। शेयरधारकों को इस बात पर भी नजर रखनी चाहिए कि बैंक अपने क्रेडिट मेट्रिक्स को बनाए रखते हुए अपने लोन बुक का विस्तार कैसे करता है।
मार्केट पार्टिसिपेंट्स यह भी जानना चाहेंगे कि मैनेजमेंट आने वाली अर्निंग कॉल्स में इस नई रेटिंग के कारण बैंक की कैपिटल-रेजिंग स्ट्रैटेजी या इंटरनेशनल एक्सपेंशन प्लान में कोई बदलाव करने पर क्या कहता है।
