FSDC Meeting: बढ़ते साइबर खतरे और ग्लोबल रिस्क पर सरकार सख्त, निर्मला सीतारमण ने दिए बड़े निर्देश

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
FSDC Meeting: बढ़ते साइबर खतरे और ग्लोबल रिस्क पर सरकार सख्त, निर्मला सीतारमण ने दिए बड़े निर्देश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में FSDC की अहम बैठक हुई, जिसमें अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और साइबर खतरों से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल (FSDC) की बैठक में भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े फैसले लिए गए हैं। काउंसिल ने ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव को घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा माना है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर

बैठक में 10 साल की US ट्रेजरी यील्ड के 5% के करीब पहुंचने पर चिंता जताई गई। जब अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स में लगाने लगते हैं। इसका सीधा असर भारतीय रुपये पर पड़ता है और मार्केट में लिक्विडिटी कम हो सकती है।

बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा का कवच

डिजिटल खतरों को देखते हुए काउंसिल ने 'फाइनेंशियल सेक्टर साइबर सिक्योरिटी स्ट्रेटजी' की समीक्षा की है। सरकार का मुख्य फोकस रीजनल रूरल बैंक्स (RRBs) पर है, जिनके पास साइबर हमलों से बचने के लिए सीमित संसाधन हैं। अब इन बैंकों को आधुनिक सुरक्षा तकनीक अपनानी होगी, जिससे आने वाले समय में बैंकों के टेक्नोलॉजी संबंधी खर्च (CAPEX) में इजाफा हो सकता है।

लावारिस पैसे की वापसी

सरकार 'योर मनी, योर राइट' कैंपेन को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। वित्त मंत्री ने रेगुलेटर्स को निर्देश दिए हैं कि वे लावारिस डिपॉजिट, शेयर्स और इंश्योरेंस फंड्स को उनके असली हकदारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं। साथ ही, फिनटेक सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एसेट्स के टोकनाइजेशन पर भी विचार किया गया है।

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